
Gold vs Share Market: निवेश की दुनिया में सोना और शेयर बाजार हमेशा से निवेशकों की पहली पसंद रहे हैं। एक ओर सोना, जो सदियों से सुरक्षित निवेश का प्रतीक है, तो दूसरी ओर शेयर बाजार, जो जोखिम के साथ ऊंचे रिटर्न का वादा करता है। पिछले दस सालों में इन दोनों ने कैसा प्रदर्शन किया? क्या सोने की चमक ने बाजार को मात दी, या शेयर बाजार ने रिटर्न की रेस में बाजी मारी? आइए, आंकड़ों और एक्सपर्ट्स की राय के साथ जानते हैं कि इस जंग में कौन रहा असली विजेता।
सोने का प्रदर्शन
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 19 फरवरी 2015 को प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत 24,150 रुपये थी, जो 10 फरवरी 2025 तक बढ़कर 81,803 रुपये हो गई। इसका मतलब है कि सोने ने इस अवधि में 237.5% का रिटर्न दिया। अगर किसी निवेशक ने 10 साल पहले 1 लाख रुपये का सोना खरीदा होता, तो आज उसकी वैल्यू लगभग 3.37 लाख रुपये होती। सोने की कीमतों में यह उछाल वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, और केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी जैसे कारकों के कारण देखा गया। खासकर, हाल के वर्षों में अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और आर्थिक मंदी की आशंकाओं ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में और आकर्षक बनाया।
शेयर बाजार का प्रदर्शन
दूसरी ओर, बीएसई सेंसेक्स ने पिछले 10 सालों में 162.4% का रिटर्न दिया। यानी, अगर किसी ने 1 लाख रुपये सेंसेक्स में निवेश किए होते, तो आज उनकी वैल्यू लगभग 2.62 लाख रुपये होती। हालांकि, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। हाल के महीनों में वैश्विक अनिश्चितता और ट्रंप की व्यापार नीतियों के कारण बाजार में गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।
सोने में निवेश: अगर आप जोखिम से बचना चाहते हैं और सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं, तो सोना एक अच्छा विकल्प है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या गोल्ड ETF जैसे विकल्प भी फिजिकल गोल्ड की तुलना में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
शेयर बाजार में निवेश: लंबी अवधि के लिए शेयर बाजार बेहतर है, लेकिन मौजूदा अनिश्चितता में सतर्क रहें। डिविडेंड देने वाली कंपनियों या म्यूचुअल फंड में निवेश सुरक्षित हो सकता है।
विविधता जरूरी: अपने पोर्टफोलियो में 10-15% सोना, 50-60% इक्विटी, और बाकी फिक्स्ड इनकम में निवेश करें। यह जोखिम और रिटर्न का संतुलन बनाए रखेगा।
Updated on:
16 Apr 2025 12:49 pm
Published on:
16 Apr 2025 12:42 pm
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