
समय के साथ पैसों की बाइंग कैपेसिटी कम होती जाती है। (PC: Gemini)
बच्चों की शादी का खर्च पेरेंट्स की टेंशन बढ़ाए रखता है। एक लोअर या मिडिल क्लास फैमिली में पेरेंट्स के लिए बच्चों की शादी के लिए पैसा जुटाना एक बड़ा टास्क होता है। बहुत बार पेरेंट्स को रिश्तेदारों या बैंकों से लोन लेना पड़ जाता है। सबसे सही तरीका यह है कि बच्चों के जन्म से या उनके बाल्यकाल से ही उनकी शादी के लिए सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट शुरू कर दिया जाए। इसमें छोटी-छोटी रकम बचाकर आप लॉन्ग टर्म में बड़ा फंड तैयार कर लेंगे और आप पर बोझ भी नहीं पड़ेगा।
अब सवाल यह है कि आप अपने बच्चे की शादी के लिए कितने खर्च का टार्गेट लेकर चलेंगे। मान लीजिए आपकी शादी 15 लाख रुपये में हुई है, तो क्या आप अपने बच्चे की शादी के लिए भी इतनी ही रकम जमा करने की सोचेंगे? अगर आप ऐसा करते हैं, तो आप बुरे फंस जाएंगे। आज 15 लाख रुपये में जिस स्टैंडर्ड की शादी होती है, आज के 20 या 30 साल बाद उस स्टैंडर्ड की शादी के लिए आपको बहुत ज्यादा पैसों की जरूरत होगी।
समय के साथ पैसों की बाइंग कैपेसिटी कम होती जाती है। ऐसा महंगाई के कारण होता है। आज के 20 साल पहले 1000 रुपये में महीने भर का राशन आ जाता था। आज महीने भर के राशन के लिए 10,000 रुपये चाहिए।
भारत में लॉन्ग टर्म में औसत खुदरा महंगाई 6 फीसदी के आसपास रहती है। इसलिए हम महंगाई की कैलकुलेशन में औसत महंगाई दर 6 फीसदी मानकर चल रहे हैं। इस कैलकुलेशन के अनुसार, आज जो शादी 15 लाख रुपये में होती है, वैसी ही शादी के लिए 25 साल बाद 64,37,806 रुपये की जरूरत पड़ेगी। 30 साल का टाइम पीरियड लेकर चलें तो फ्यूचर कॉस्ट 86,15,237 रुपये होगी। वहीं, 20 साल के टाइम पीरियड के हिसाब से फ्यूचर कॉस्ट 48,10,703 रुपये होगी।
अगर आप बच्चों की शादी के लिए पैसा निवेश कर रहे हैं, तो यह एक लॉन्ग टर्म का निवेश होगा। लॉन्ग टर्म में म्यूचुअल फंड एसआईपी में अच्छा रिटर्न मिल जाता है। आप सुरक्षित निवेश विकल्प देख रहे हैं, तो आरडी और पीपीएफ जैसी स्मॉल सेविंग स्कीम्स में भी पैसा लगा सकते हैं।
Updated on:
25 Aug 2025, 9:23 AM IST
Published on:
23 Aug 2025, 2:37 PM IST
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