
जियो प्लेटफॉर्म आईपीओ ने 13 रिकॉर्ड बनाए हैं। (PC: AOI)
मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने 13 रिकॉर्ड बनाए हैं। आईपीओ में कंपनी के शेयर आज बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो गए हैं। ये शेयर 21.35 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ स्टेबल ट्रेड करता दिखाई दिया। दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर बीएसई पर कंपनी का शेयर 0.35 फीसदी या 4.80 रुपये की बढ़त के साथ 1362 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। इस तरह आईपीओ निवेशकों को कुल 21.72 फीसदी का फायदा होता दिखा। कंपनी का मार्केट कैप इस समय 12,53,947.68 करोड़ रुपये पर था। आइए जानते हैं कि इस आईपीओ ने कौन-कौन से रिकॉर्ड्स बनाए हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,188 करोड़ रुपये का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बना। इसने 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़ दिया।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, यानी इसमें मौजूदा शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसा नहीं जुटाया। इसका मतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, मेटा और गूगल जैसे मौजूदा निवेशकों ने इस आईपीओ के जरिए अपने शेयर नहीं बेचे।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में एंकर निवेशकों को छोड़कर बाकी पब्लिक कैटेगरीज से 4,90,415 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। यह 2025 में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के आईपीओ में दर्ज करीब 4.39 लाख करोड़ रुपये की पिछली रिकॉर्ड डिमांड से अधिक है। निवेशकों ने 19.75 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 438.26 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया। इस तरह आईपीओ कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में सबसे मजबूत डिमांड संस्थागत निवेशकों की ओर से आई। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में करीब 3.87 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। इस कैटेगरी को कुल रिजर्व शेयरों के मुकाबले 70.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें घरेलू म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और अन्य योग्य संस्थागत निवेशकों की भागीदारी रही।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए रिजर्व कैटेगरी में 19,000 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। यह जनवरी 2026 में भारत कोकिंग कोल के आईपीओ में दर्ज 9,350 करोड़ रुपये के पिछले रिकॉर्ड से काफी ज्यादा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स को 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले। इससे पहले यह रिकॉर्ड वारी एनर्जीज के नाम था, जिसे 97.33 लाख आवेदन मिले थे। जियो का आईपीओ भारत का पहला ऐसा आईपीओ बना, जिसमें आवेदनों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंची।
सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल निवेशकों की ओर से 1.05 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए। किसी भारतीय आईपीओ में इस कैटेगरी के लिए यह सबसे बड़ा आंकड़ा बताया गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों की कैटेगरी में 21 लाख से ज्यादा आवेदन आए। यह इस कैटेगरी के पिछले रिपोर्टेड आंकड़ों से अधिक था। इस कैटेगरी के लिए अलग से शेयर रिजर्व किए गए थे, ताकि तय पात्रता पूरी करने वाले रिलायंस के मौजूदा शेयरधारक भी आईपीओ में आवेदन कर सकें।
छोटे हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (Small HNI) निवेशकों की कैटेगरी में 5.75 लाख से ज्यादा आवेदन मिले। इससे पहले इस कैटेगरी में 4,99,825 आवेदनों का रिकॉर्ड था।
बड़े HNI निवेशकों की कैटेगरी में 3.5 लाख से ज्यादा आवेदन मिले। इससे पहले इस कैटेगरी में 2,71,403 आवेदनों का रिकॉर्ड बताया गया था। इस कैटेगरी में 10 लाख रुपये से ज्यादा के आवेदन शामिल होते हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलने के 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। बड़े आईपीओ के मामले में इसे एक नया रिकॉर्ड बताया गया है। संस्थागत निवेशकों की QIB कैटेगरी, जिसमें करीब 5,500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व थे, पहले 10 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई थी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में एंकर निवेशकों ने भी बड़ी दिलचस्पी दिखाई। एंकर बुक में करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की डिमांड दर्ज की गई, जबकि अंत में एंकर निवेशकों को 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए गए।
जियो प्लेटफॉर्म देश की सबसे बड़ी लिस्टेड टेलीकॉम कंपनी बन गई है। जियो प्लेटफॉर्म का मार्केट कैप 12.53 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके साथ ही जियो प्लेटफॉर्म रिलायंस के बाद देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी भी बन गई है।
Updated on:
28 Oct 2026, 1:07 PM IST
Published on:
28 Oct 2026, 1:05 PM IST
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