निवेश सलाहकार अमित निगम के मुताबिक आज के दौर में सही रास्ता यही है, जहां अफोर्डेबल है, वहां घर खरीदिए और जहां जरूरत है, वहां किराए पर रहिए। मुंबई या दिल्ली में घर खरीदने का सपना अब Straight forward नहीं रहा। ये एक मैथ्स, माइंडसेट और मनी का कॉम्बिनेशन बन गया है। सपना अब भी जिंदा है, बस उसे हकीकत में बदलने का तरीका बदल गया है।