आरबीआई के प्रस्ताव के मुताबिक, अगर बैंक किसी किसान को सोना गिरवी रखकर कृषि गतिविधियों के लिए लोन देते हैं, तो उन्हें कर्ज से जुड़ी कुछ अतिरिक्त जानकारियां अपने पास रखनी होंगी। इनमें किसान के खेती वाले खेत का स्थान, वहां उगाई जाने वाली फसल और जरूरत के मुताबिक फसल को बैंक के पास गिरवी रखने से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। सबसे अहम बात यह है कि बैंक सिर्फ गिरवी रखे गए सोने की कीमत देखकर लोन की रकम तय नहीं कर सकेंगे। उन्हें यह भी देखना होगा कि किसान को खेती के लिए वास्तव में कितने कर्ज की जरूरत है। लोन की रकम तय करते समय संबंधित फसल के लिए लागू स्केल ऑफ फाइनेंस और खेती से जुड़ी जरूरतों का आकलन करना होगा।