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Stock Market: गिरते बाजार में भी 2026 में 33% तक रिटर्न दे चुके हैं ये 7 फार्मा शेयर, क्या है वजह?

Pharma Stocks Return: साल 2026 में गिरते शेयर बाजार में निफ्टी फार्मा ने अब तक 6 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसके उलट अन्य अधिकतर सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई है। इस तेजी की मुख्य वजह भारत की घरेलू मांग है।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 11 Jun 2026, 5:03 PM IST

pharma stocks to buy

Nifty Pharma ने साल 2026 में 6 % रिटर्न दिया। (PC: Freepik)

Pharma StockReturn: मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण जहां भारतीय शेयर बाजार के अधिकतर सेक्टर्स में गिरावट देखने को मिली है। वहीं, फार्मा सेक्टर मजबूत बनकर उभरा है। साल की शुरुआत से अब तक निफ्टी 11 फीसदी, निफ्टी आईटी 24 फीसदी, निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑटो करीब 8 फीसदी तक गिर चुके हैं। वहीं, निफ्टी फार्मा ने इसी दौरान करीब 6 फीसदी का रिटर्न दिया है। इन सब के बीच कुछ फार्मा शेयरों ने तो 30 फीसदी के करीब मुनाफा दिया है।

फार्मा सेक्टर के शेयरों का रिटर्न

फार्मा कंपनी2026 में 9 जून तक का रिटर्न
ग्लैंड फार्मा33%
वॉकहार्ट30%
लॉरस लैब्स29%
अरबिंदो फार्मा22%
जेबी केमिकल्स21%
जायडस लाइफ21%
टोरेंट फार्मा16%

साल 2026 में अधिकतर फार्मा कंपनियों के शेयरों ने डबल डिजिट में रिटर्न दिया है। जिनमें ग्लैंड फार्मा, वॉकहार्ट, लॉरस लैब्स और अरबिंदो फार्मा प्रमुख हैं। इनमें क्रोनिक (लंबे समय तक उपयोग होने वाली) और एक्यूट (थोड़े समय के लिए उपयोग होने वाली) दोनों तरह की दवाओं की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे कंपनियों की बिक्री और मुनाफे को सहारा मिला है।

घरेलू कारोबार बना ताकत

ब्रोकरेज फर्म कोटक इक्विटीज के अनुसार फार्मा सेक्टर की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण भारत के घरेलू दवा बाजार में मजबूत मांग है। आईटी और निर्यात आधारित सेक्टर जहां वैश्विक मांग और टैरिफ जोखिमों से प्रभावित हैं, वहीं भारतीय फार्मा कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा घरेलू बाजार से आता है। स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते खर्च और दवाओं की लगातार मांग ने कंपनियों की कमाई को स्थिर बनाए रखा है। इसी वजह से निवेशकों ने बाजार की गिरावट के बीच फार्मा शेयरों को सुरक्षित विकल्प माना।

सुरक्षित निवेश की तरफ बढ़ रहा बाजार

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के बाद निवेशक सुरक्षित विकल्प में निवेश करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। फार्मा सेक्टर में तेजी इसलिए आई, क्योंकि दवा बाजार कमोडिटी कीमतों से कम प्रभावित होता है।

चीन फैक्टर से मिल सकता है फायदा

हाल ही में अमेरिकी रक्षा विभाग ने चीनी कॉन्ट्रैक्ट ड्रग मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को चीनी सेना से जुड़े संस्थानों की सूची में शामिल किया है। एलारा सिक्योरिटीज का मानना है कि इससे वैश्विक दवा कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को चीन से बाहर ला सकती है। इसका फायदा भारतीय CDMO कंपनियों को मिल सकता है।

भविष्य के फैक्टर भी दे सकते है तेजी

ब्रोकरेज हाउस बर्नस्टीन फार्मा सेक्टर के लिए पॉजिटिव रुख अपनाए हुए है। इसका मानना है कि आने वाले वर्षों में बढ़ती उम्र की आबादी, स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता खर्च, वैक्सीन, डिजिटल हेल्थकेयर, मोटापा उपचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचार फार्मा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। अनुमान है कि अगले 10 वर्षों में भारत का बायोफार्मा उद्योग 195 बिलियन डॉलर का हो सकता है।