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फिर से खुलकर सामने आई पंजाब में नशे से हो रही तबाही की चिंताएं

राजनीति से हटकर भी लोग नशे के कारण होने वाली तबाही का मुद्दा उठा रहे हैं...
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चंडीगढ़ पंजाब

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Prateek Saini

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Updated: 29 Jun 2018, 5:54 PM IST

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राजेंद्र सिंह जादौन की रिपोर्ट...

(चंडीगढ): पंजाब की पेशानी पर फिर नशे से होने वाली तबाही की चिंताए उभर आई हैं। राजनीतिक दल अकाली दल भले ही नशे के मुद्दे को पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने की चाल बताता रहा हो, लेकिन राजनीति से हटकर भी लोग नशे के कारण होने वाली तबाही का मुद्दा उठा रहे हैं।

लोगों ने लगाई गुहार

गुरूवार को चंडीगढ़ में जोधपुर जेल के बंदियों को जब अदालत द्वारा तय की गई मुआवजा राशि वितरित की जा रही थी, तब सिख प्रतिनिधियों ने नशे के कारण हो रही तबाही का मुद्दा उठाते हुए वहां मौजूद मुख्यमंत्री से ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने सिख प्रतिनिधियों के आग्रह पर अपने जवाब में कहा कि उन्होंने पिछले साल शपथ लेते ही ड्रग तस्करी की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए हैं। आज ड्रग बेचने वाले दस हजार लोग जेलों में बंद हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। एक ड्रग माफिया हांगकांग में है और उसे देश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एनजीओ ने भी व्यक्त की चिंता

सिख प्रतिनिधियों के अलावा नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रही एनजीओ ने भी पंजाब में बने नशे के हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की है। हाल में चिता बढने का कारण यह सामने आया है कि वर्तमान माह जून के पूरा होने से पहले ही नशे का ओवरडोज लेने से पहले 23 लोगों की मौत हुई है। पिछले दो सप्ताह में तो 17 मौतें हुई है। आखिर नशे के डोज से मौतें क्यों हो रही है? इस सवाल पर पुलिस अपनी अब तक की जांच के आधार पर कह रही है कि हेरोइन में एक अन्य ड्रग कट को मिलाने से घातक काकटेल बनता है। इसके सेवन से ही मौतें हो रही है। इस काकटेल के सेवन से मृतक का शरीर काला और सख्त हो जाता है।


पुलिस कर रही तस्करों की धरपकड़


नए हालात में पुलिस कमान की ओर से तस्करों की धरपकड और तेज करने के निर्देश दिए गए है। एसटीएफ के निदेशक और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हरप्रीत सिद्धू के अनुसार हाल में हुई मौतों का स्ट्रीट तस्करी का नतीजा है। स्थानीय पुलिस द्वारा इसे रोका जाना चाहिए। एसटीएफ ने आपूर्ति के मुख्य रास्ते काट दिए है। इस कारण हेरोइन व अन्य ड्रग की कमी आई है। वैसे नशे के डोज से होने वाली प्रत्येक मौत का विश्लेषण किया जा रहा है।


जिस पुलिस अफसर पर लगा नशा करने का आरोप उसे किया निलंबित

उधर पंजाब सरकार ने उस पुलिस उप अधीक्षक दिलजीत सिंह को निलंबित कर जांच के आदेश दिए है जिस पर महिला नशा मुक्ति केन्द्र के उदघाटन के समय एक 26 वर्षीय महिला ने नशे की लत लगाने का आरोप लगाया था। इस महिला ने यह आरोप भी लगाया कि उसके साथ पुलिस उप अधीक्षक ने बलात्कार भी किया था। मुख्यमंत्री केप्टेन अमरिंदर सिंह ने पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर की निदेशक अनीता पुंज को मामले की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा है।