वर्ष 2015 में एक जून को फरीदकोट जिले के गुरूद्वारा बुर्ज जवाहर सिंह वाला से गुरूग्रंथ साहिब का बीर चोरी गया था। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके 22 दिन बाद 23 जून से गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाए हुई। उस समय किसानों को फसल का सही मूल्य देने,बेरोजगारी दूर करने और सवच्छ प्रशासन देने जैसी मांगों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक साजिश के तहत इन घटनाओं को अंजाम दिया गया।