
जटिल छोटा बाउल ट्रांसप्लांट के जरिए दी रोगी को नई जिंदगी
चेन्नई.डॉ. अनिल वैद्य, निदेशक और वरिष्ठ सलाहकार, मल्टी-विसरल ट्रांसप्लांट प्रोग्राम, एमजीएम हेल्थकेयर चेन्नई और उनकी टीम ने बेंगलूरु से एयर-लिफ्टेड डेड डोनर-ऑर्गन का उपयोग करके एक जटिल छोटे बाउल ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक पूरा किया।
चिकित्सकों ने बताया कि 46 वर्षीय, केरल की गृहिणी, गंभीर पेट दर्द से पीडि़त थीं। उन्होंने केरल के मित्रा अस्पताल का दौरा किया जहां उन्हें आंतों के दौरे (इंटेस्टाइनल इस्किमिया) का पता चला था और उन्हें आंशिक गैंग्रीन हो गया था। इसलिए केरल के विशेषज्ञों द्वारा संक्रमित भागों को हटा दिया गया था। शॉर्ट गट सिंड्रोम के लिए उनका आगे इलाज किया गया जो कि एक दुर्लभ मलएब्जॉर्प्शन डिसऑर्डर है, जो छोटी आंत के काम न करने के कारण होता है। लघु आंत्र सिंड्रोम वाले लोग जीवन को बनाए रखने के लिए भोजन से पर्याप्त पानी, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाते हैं।उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉ. अनिल वैद्य और टीम ने स्मॉल बाउल ट्रांसप्लांट करने का सुझाव दिया। रोगी को चार महीने तक तरल के रूप में सीधे एक नस (अंत:शिरा) में टीपीएन (टोटल पैरेंट्रल न्यूट्रिशन) पोषण की आपूर्ति करके पोषक तत्व प्रदान किए गए। वह अंग की प्रतीक्षा सूची में थी। एक मृतक दाता के अंग को 3 अप्रेल को बेंगलूरु से हवाई मार्ग से लाया गया और रोगी पर प्रत्यारोपण किया गया था। इसके बाद मरीज ठीक है और जल्द ही अपनी सामान्य दिनचर्या में वापस आ जाएगी।
जीवन रक्षक सर्जरी
उन्होंने आगे कहा कि प्रत्यारोपण के माध्यम से हमने रोगी की छोटी आंत को एक स्वस्थ दाता की छोटी आंत से बदल दिया। स्मॉल बाउल ट्रांसप्लांट अपरिवर्तनीय आंतों की विफलता वाले रोगियों पर की जाने वाली जीवन रक्षक सर्जरी है।
Published on:
17 Apr 2023, 9:59 PM IST
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