
I started the boycott of IPL
चेन्नई।कावेरी जल विवाद में राज्य के लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में सहयोग करने के उद्देश्य से तमिल फिल्म निर्देशकों ने मंगलवार को एमए चिदाम्बरम स्टेडियम में होने वाले आईपीएल का बहिष्कार करने के लिए तमिझर कालै इलक्किया पनपातु पेरवै (तमिल आर्ट, लिक्ट्रेचर एण्ड ट्रेडिशन फोरम) नामक एक फोरम शुरू किया है। फिल्म निर्माता पी. भारतीराजा, वी. शेखर, तंगर बचन ने अन्य निर्माताओं के साथ मिलकर इस फोरम की शुरुआत की।
संवाददाताओं बातचीत में भारतीराजा ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आलोचना करते हुए कहा कि तमिलनाडु की जनता पानी के लिए प्रदर्शन कर रही है ऐसे में बीसीसीआई को मैच का आयोजन नहीं कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर राज्य की युवा शक्ति पूरी तरह से जागरूक हो चुकी है और अगर आईपीएल हुआ तो युवाओं का विचार भटकेगा। ऐसी संकट के घड़ी में आईपीएल का आयोजन करना पड़ोसी के घर मातम होने पर जश्न मनाने जैसा है।
शेखर ने कहा कि कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडु के लोगों की एकता गायब हो गई है जबकि कावेरी विवाद में सभी कन्नडिगा एक साथ हो गए थे। जिसमें भाजपा, कांग्रेस, अभिनेता, निर्देशक और आम आदमी शामिल थे, लेकिन तमिलों में एकता की कमी आ गई है। एकता को फिर से वापस लाने के लिए हमको एक सार्वजनिक मंच की जरुरत है। इसीलिए इस फोरम की शुरुआत की गई है। बातचीत में सेल्वमणि ने कहा राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा किए जाने वाला विरोध प्रदर्शन काफी कमजोर पड़ गया है।
ऐसे में प्रदर्शन को अन्य लोगों के समर्थन की जरूरत है। एक सवाल कि फिल्म उद्योग नई फिल्मों के रिलीज को क्यों नहीं रोक रहा है, जबकि उससे भी लोगों का विचार भटक सकता है, के जवाब में उन्होंने कहा वे इस बारे में निर्णय नहीं ले सकते। वी. गौतमन ने कहा हालात उत्पन्न होने पर उन्हें राज्य सचिवालय और राजभवन में प्रदर्शन करने में संकोच नहीं होगा। तमिलनाडु की जनता केंद्र के आगे झुक कर शांत नहीं बैठेगी।
विभाजनकारी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं रजनीकांत
सुपरस्टार रजनीकंात की उस टिप्पणी, जिसमें उन्होंने अण्णा विश्वविद्यालय के नए कुलपति के रूप में कर्नाटक निवासी एम.के. सुरप्पा की हुई नियुक्ति का विरोध किया था, की सख्ती से आलोचना करते हुए भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष तमिलइसै सौंदरराजन ने कहा कि रजनीकांत विभाजनकारी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।
यहां वेलचेरी में आयोजित सार्वजनिक बैठक में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा रजनीकांत भी कर्नाटक के हैं। जब चार दशक पहले वे यहां आए थे तो क्या तमिलनाडु के लोगों ने उन्हें कन्नडिग़ा कह कर विरोध किया था? अगर विरोध हुआ था तो वे तमिल सिनेमा के सुपरस्टार कैसे बन गए? उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ऐसी जगह है जहां सभी को जीवन मिलता है। यहां पर लोगों की प्रतिभा का सम्मान किया जाता है। उसी प्रतिभा को देखते हुए सरकार ने कुलपति के रूप में सुरप्पा की नियुक्ति की है। ऐसे में उनकी नियुक्ति पर रजनीकांत को गलत कैसे लग सकता है?
गौरतलब है रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में रजनीकांत ने कहा था ऐसे समय में जब तमिलनाडु की जनता कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग कर रही है, अण्णा विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कर्नाटक निवासी सुरप्पा की नियुक्ति को कुछ दिनों के लिए रोक देना चाहिए था। राज्य में कावेरी जल को लेकर काफी विवाद चल रहा है ऐसे में मेरा मानना है कि यह नियुक्ति गलत है। साथ ही उन्होंने कहा था कि कोई भी कहीं भी काम कर सकता है।
Published on:
17 Apr 2018, 10:52 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.