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काठन सिंचाई परियोजना के लिए 253 करोड़ का टेंडर हुआ, एजेंसी जल्द शुरु करेगी सर्वे

बान सुजारा बांध की तरह बिना नहर की होगा परियोजना, पाइप लाइन से जाएगा पानी
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छतरपुर

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Dharmendra Singh

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Updated: 10 Mar 2023, 4:35 PM IST

काठन नदी

काठन नदी


अभियान का असर
छतरपुर/ बड़ामलहरा. घुवारा और बड़ामलहरा तहसील इलाके के 74 गांव के किसानो के लिए खुशखबर है। काठन सिंचाई परियोजना के लिए जल संसाधन विभाग ने 253 करोड़ का टेंडर जारी किया है। बेनशार्क प्राइवेट लिमटेड कंपनी को ठेका मिला है। जो इसी माह सर्वे का काम शुरु करगी। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर जमीन अधिग्रहण के लिए धारा 11 का प्रकाशन भी हो गया है। कंपनी के सर्वे के बाद धारा 19 का प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रभावित लोगों की संपति व पुर्नवास का काम शुरु होगा।

बड़े-बड़े पाइपों के जरिए सिंचित होगी 15 हजार हेक्टेयर भूमि
काठन सिंचाई परियोजना के लिए हुए टेंडर के मुताबिक 253 करोड़ की लागत से काठन नदी पर बांध बनाया जाएगा। बांध से ङ्क्षसचाई के लिए बड़े-बड़े पाइपलाइनों के जरिए 74 गावों तक पानी पहुंचाया जाएगा। परियोजना में बान सुजारा बांध की तरह ही नहरों का निर्माण नहीं किया जाएगा। बल्कि पाइपों का इस्तेमाल होगा। सर्वे के बाद पुर्नवास और फिर निर्माण कार्य शुरु होगा। पुर्नवास में आने वाले खर्च का आंकलन अगल से होगा।


योजना से यह फायदे
बांध के डूब क्षेत्र में 5 ग्रामों की 734.68 हेक्टेयर निजी भूमि एवं 289.75 हेक्टेयर शासकीय भूमि व 260.34 हेक्टेयर वनभूमि जलसंसाधन विभाग द्वारा अधिग्रहीत की जाएगी। इस बांध से बड़ामलहरा, घुवारा और भगवां क्षेत्र के 74 गांव की 15 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में जल समस्या का समाधान होगा। वहीं अच्छी पैदावार से किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।


इनको मिलेगा लाभ
योजनानुसार काठन नदी पर आमखेरा के पास बांध निर्माण प्रस्तावित है। बडामलहरा व घुवारा तहसील के 74 गावों की 15 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित की जाना है। इस योजना की पूर्णत के पश्चात वर्षों से चली आ रही सूखे की समस्या से किसानों को निजात मिल सकेगी। घुवारा तहसील के पनवारी, चूरामनखेरा, चरखाखेरा, रिछारा, मूसनखेरा, चौनाउन खेरा, बांकपुरा, झिंगरी, माखनपुरा, रामपुरा, कुंवरपुरा सहित 19 गांव भगवां क्षेत्र के भगवां, जनकपुरा, मथानीखेरा, कुसाल सहित 16 गांव, बड़ामलहरा क्षेत्र के लिधौरा, पथरिया, पिपराकला, ग्वालगंज, सैरोरा, वीरों, धरमपुरा, बमनी सहित 39 गांव लाभांवित करने की योजना पर काम शुरु किया जाना था।

इनका कहना है
परियोजना का टेंडर हो गया है। निर्माण एजेंसी भी तय कर दी गई है। जो जल्द ही सर्वे शुरु करेगी। सर्वे के बाद धारा 19 का प्रकाशन किया जाएगा। इस परियोजना से 15 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
सीबी अहिरवार, एसडीओ, जलसंसाधन