
छतरपुर. जिले में रेत खदान का ठेका निरस्त होने के बाद अवैध उत्खनन बढ़ने लगा है। केन नदी में हैवी मशीनें उतारकर पूरी रात अवैध उत्खनन किया जा रहा है। नदी में धीरे-धीरे पानी बढ़ने से रेत माफिया ज्यादा से ज्यादा रेत निकाल ने में जुटे हुए हैं। शाम होते ही पन्ना, बांदा जिले से रेत माफिया के गुर्गे हैवी मशीनें नदी में उतार रहे हैं।
मशीनों से नदी के अंदर की रेत निकालकर ट्रकों के जरिए अजयगढ़, बांदा, लवकुशनगर और महोबा सप्लाई की जा रही है। साथ ही रेत के अवैध डंप भी बनाए गए हैं। जिनसे दिन में रेत का परिवहन किया जा रहा है। रेत के अवैध कारोबार को संरक्षण देने के पुलिस पर आरोप भी लग रहे हैं।
शाम से सुबह 6 बजे तक चलीं मशीनें
हथौंहा पुल के पास छतरपुर और पन्ना जिले की सीमा में सोमवार को शाम 7 बजे ही हैवी मशीनों ने अवैध उत्खनन शुरू कर दिया। मशीनें मंगलवार सुबह 6 बजे तक रेत का अवैध उत्खनन करती रहीं। उसके बाद बंद कर दी गईं, पर नदी घाट के किनारे ही रखी रहीं। रेत माफिया ने हथौंहा पुल के पास एक लिफ्टर भी लगाया है, जिससे नदी से रेत निकाली जा रही है। 6 पिस्टन वाले इंजन को नाव में फिट करके पाइपो रेत किनारे पर डंप हो रही है।
अवैध उत्खनन को पुलिस का संरक्षण
केन नदी में वैध रेत उत्खनन बंद होने से रेत माफिया पुलिस से सांठगांठ कर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है हिनौता, नहरा, वंसिया थाना इलाके में पुलिस के संरक्षण में रात को उत्खनन हो रहा है। प्रशासन की टीमें भी नहीं रोक पा रही हैं। केन नदी में रात को उत्खनन कराया जा रहा है, ताकि खनिज, राजस्व या प्रशासन की टीम कार्रवाई न कर सके। इसी का लाभ उठाकर अवैध उत्खनन करने वाले केन नदी का सीना छलनी कर रहे हैं।
Published on:
30 Jun 2021, 1:43 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.