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बेटी की शादी की बात सुनकर माता-पिता ने दी जान, जानें वजह

दोनों के शव क्षतविक्षत हालत में मिले
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छिंदवाड़ा

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Rajendra Sharma

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Updated: 30 Oct 2017, 12:13 PM IST

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विवाहिता ने की खुदकुशी

छिंदवाड़ा/नागपुर. जिस बेटी को बड़े लाड-प्यार से पाला और ढेरों सपने सजाए उसी ने भागकर शादी कर ली। माता-पिता यह सदमा झेल नहीं पाए और उन्होंने एक साथ खुदकुशी कर ली। यह दिल को झकझोर देने वाली घटना सतारा कराड़ तहसील के तहत ओगलेवाड़ी गांव की है।
जानकारी के अनुसार ओगलेवाड़ी निवासी दम्पती ने शनिवार को ट्रेन के ओ आकर आत्महत्या कर ली। उनकी बड़ी बेटी शुक्रवार को घर से गायब हुई थी। रात को उसने अपने माता-पिता को फोन पर बताया कि उसने एक ऑटो ड्राइवर से शादी कर ली है। बेटी द्वारा बताई गई बात से दंपति को बड़ा सदमा पहुंचा। इसके बाद दोनों पति पत्नी ने शनिवार को आत्महत्या कर ली। नारायण पवार (56) महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम में कंडक्टर की नौकरी करते थे। वे अपनी पत्नी कमल (45), दो बेटियां और एक बेटे के साथ रहते थे।

फोन पर दी सूचना

शुक्रवार को बारहवीं की पढ़ाई कर रही उनकी बड़ी बेटी घर से कॉलेज जाने के लिए निकली, लेकिन दोपहर तक घर नहीं लौटी। दोनों पति-पत्नी रात तक उसे ढूंढ़ते रहे। देर रात उनकी बेटी ने फोन करके बताया किए वह सुरक्षित है, मुझे ढूंढने की कोशिश नहीं करें। साथ ही बताया कि उसने शादी कर ली है। बेटी की यह बात सुन नारायण पवार को गहरा सदमा पहुंचा। उन्होंने अपनी पत्नी को भी यह बात बताई।
शुक्रवार रात बेटी और बेटा सोने के बाद शनिवार तडक़े दोनों पति-पत्नी घर से बाहर निकले और रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे। दोनों ट्रेन के नीचे आकर जान दे दी। मॉर्निंग वॉक के लिए आए लोगों को दोनों के शव क्षतविक्षत हालत में देखे। उन्होंने इस बारे में तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम करने के बाद शनिवार दोपहर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

बेटिकट यात्रियों से दो सप्ताह में 34 लाख का जुर्माना वसूला
नागपुर. दपूम रेलवे नागपुर मंडल ने 11 से 24 अक्टूबर तक विभिन्न स्टेशन व 344 गाडिय़ों में बिना टिकट सफर करने वालों पर कार्रवाई की और 11887 मामलों में 34 लाख 76 हजार 121 रुपए वसूल किए गए। इसके अलावा कूड़ा-कचरा फैलाने वाले 130 मामले पकड़े गए, जिनसे 13 हजार 150 रुपए वसूले गए। कार्रवाई डीआरएम एके अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुई। सहायक वाणिज्य प्रबंधक ओपी जायसवाल की अगुवाई में 17 व 18 अक्टूबर को 58 यात्री बगैर टिकट, अनियमित यात्रा तथा बिना माल बुक किए गए लगेज के 2946 मामले (केवल दो दिन में) दर्ज कर कुल 9 लाख 29 हजार 575 रुपए वसूले गए।