
छिंदवाड़ा. किसी को उम्मीद नहीं थी कि अचानक राजनीति के कुशल रणनीतिकार और भाजपा के वरिष्ठ नेता कन्हईराम रघुवंशी यूं ही हम सब को छोडकऱ चले जाएंगे। उनकी निर्विवाद छबि और किसी भी राजनीतिक परिस्थितियों को संभालने की योग्यता ने हर खासो-आम पर असर छोड़ा। वे जब भी किसी परिचित से मिलते तो उनकी वॉक शैली और व्यक्तित्व सहज ही आकर्षित कर लेता था। अचानक गोली मारकर आत्महत्या की खबर शहर से लेकर गांव तक जैसे ही पहुंची, लोग अवाक रह गए।
नरसिंहपुर रोड के गांव नेर से अपनी राजनीति शुरू करने वाले कन्हईराम अपनी योग्यता और मधुर स्वभाव के बल पर पहले जनसंघ से जुड़े थे। साल 1990, 1996, 2000 और 2008 में चार बार भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। एक समय यह था कि भाजपा संगठन की पहचान उनके नाम से होती थी। अपनी काबिलियत से वे भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में मंत्री और सदस्य बने। वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव के समय उन्हें जिला संयोजक का पद दिया गया। उनके व्यवहार की खूबी यह थी कि विपक्ष भी उनका सम्मान करता था। शहर की सडक़, नाली समेत अन्य विकास कार्य में उनका अहम योगदान रहा।
कन्हईराम राजनीति के चतुर रणनीतिकार थे तो आम जनता में लोकप्रिय छबि के धनी। साल 2004 में नगर पालिका चुनाव में एक तरफा जीत हासिल कर कांग्रेस को करारी शिकस्त दी थी। उनके पेयजल व्यवस्था सुधारने का काम इतना पसंद किया गया कि मई 2009 में दोबारा नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव ऐतिहासिक मतों से जीते, जिसने कांग्रेस के सभी समीकरणों को ध्वस्त कर दिया था।
भाजपा की राजनीति में रघुवंशी को पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान सिंह के खास समर्थक माना जाता था। वे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की पहली पसंद थे। उन्हें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र तोमर का करीबी माना जाता है। इसके अलावा उनके कई वरिष्ठ नेताओं से संबंध रहे। उन्होंने कई चुनाव अभियान में छिंदवाड़ा का प्रतिनिधित्व किया। विधानसभा चुनाव में जिला संयोजक की कमान सौंपी गई थी।
Updated on:
14 Dec 2024 07:22 pm
Published on:
14 Dec 2024 07:22 pm
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