शहरों की बात करें तो भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा जैसे बड़े नगरों में भी जलभराव और सडक़ों के धंसने की घटनाएं सामने आई हैं। ग्वालियर में तो 120 करोड़ के प्रोजेक्ट की एक सडक़ में सुरंग और गड्ढों की श्रंखला तक बन गई है। अन्य शहरों में भी कई सडक़ें इतनी खराब हो गई हैं कि वाहन चालकों को रोजाना दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की हालत और भी चिंताजनक है। बारिश में कच्ची सडक़ें कीचड़ में बदल चुकी हैं।