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बारिश के साथ गिरे ओले

क्षेत्र में विगत दो दिनों से हो रही बारिश से जन जीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। बारिश के साथ गडग़ड़ाहट के साथ ओले भी गिरना जारी रहा।
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छिंदवाड़ा

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Sanjay Kumar Dandale

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Updated: 13 Feb 2018, 7:00 AM IST

Wet with rain

Wet with rain

मौसम की बेरुखी... फसलों को नुकसान, किसान चिंतित
अलसुबह बारिश के साथ गिरे ओले

सौंसर. क्षेत्र में विगत दो दिनों से हो रही बारिश से जन जीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। बारिश के साथ गडग़ड़ाहट के साथ ओले भी गिरना जारी रहा। रात पौने आठ बजे भी बारिश के साथ ओले गिरे। बेमौसम हो रही बारिश से वातावरण में थंडक घुल गई है। बारिश और ओले गिरने के कारण खेतों में लगी गेंहू, चना की फसलों को नुकसान हुआ है। ग्राम बेरडी, हिवरा, जाम सहित अन्य ग्रामों में खेतों में गेहूं की फसल जमीन पर लेट गई है। किसानों ने बताया कि इस समय हो रही बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। सोमवार की बारिश की झड़ी के साथ ओले भी गिरे। ग्रामीण अंचल के घर-आंगन ओले गिरने के कारण स्कूली बच्चे, किसानों सहित अन्य लोगों के कामकाज प्रभावित हुआ। तीन-चार दिनों से वातावरण में ठंडक बनी हुई है। कुछ जगह पर पेड़ गिरने से वाहन चालकों को आवागमन पर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बेमौसम बारिश में घरों से निकलने के लिए लोगों को छाता लेकर बाहर निकलना पड़ा।


कुछ क्षेत्र की फसलों फायदा, कुछ को नुकसान
पांढुर्ना ञ्च पत्रिका. रविवार रात को हुई तेज बारिश के बीच खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसान चिंतित हो गए थे परंतु सुबह होते-होते बारिश का असर कम होने से फसलों को फायदा होने की उम्मीद जागी है। बड़चिचोली से लेकर मांडवी और वाड़ेगांव तक जमकर बारिश दर्ज की गई।
इस बारिश से फसलों को नुकसान कम, फायदा अधिक होने की बात कही जा रही है। हालांकि ग्राम मांडवी और हिवरासेनवडवार में बारिश से गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की माने तो संतरा फसलों को बारिश से फायदा हुआ है। वाड़ेगांव, कमलगांव में जलसंकट व्याप्त है जिससे वहां संतरा पेड़ों को सिंचाई के लिए पानी की जरूरत थी। बताया जा रहा है कि इस बारिश ने इस ओर के संतरा उत्पादक किसानों को थोड़ी राहत प्रदान की है।
चार माह बाद हुई बारिश: पिछले साल 17 अक्टूबर को क्षेत्र में अंतिम बार बारिश हुई थी। इस वर्ष मौसम ने बारिश का अनुपात पिछले दो साल अधिक दर्ज किया परंतु इनके बीच की दूरी अधिक होने से क्षेत्र को इसका कुछ खास लाभ नहीं मिल पाएगा। इस वर्ष 1114.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी जबकि वर्ष 2016 में 733.3 मिमी और वर्ष 2015 में 883.00 मिमी वर्षा ही हो पाई थी।
जुनावानी में बिजली से गाय की मौत: नांदनवाड़ी पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम जुनावानी हेटी में रविवार दोपहर को हुई बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक मवेशी की मौत हो गई। चौकी प्रभारी एएसआई प्रधान ने बताया कि किसान कोरडे के खेत में एक गाय और बछड़ा टीने शेड के अंदर बंधे हुए थे। जहां बिजली गिरी और गाय की मौके पर ही मौत हो गई वहीं बछड़ा भी झुलस गया है।
उमरानाला... उमरानाला नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में
पिछले 2 दिनों से हो रही है बारिश ने किसानों के लिए एक बार फिर से मुसीबत बढ़ा दी है। किसानों को खेतों में लगी गेहूं, चना, लहसुन आदि की फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं रविवार सोमवार को हुई बारिश से गेहूं की फसल जो पककर खड़ी थी वहीं जमीन पर लेट गई है। गेहूं फसल की बालियां भी काली पड़ गई है।