तो क्या फिरौती देने के बाद छूटे शिक्षक
शिक्षकों की रिहाई को खाकी भले ही अपना दबाव बता रही हो, लेकिन बीहड़ के सूत्रों व इलाकाई जानकारी के मुताबिक, डकैतों को फिरौती की रकम देने के बाद दोनों अध्यापक मुक्त हुए हैं। हां यह बात जरूर थी कि डकैतों ने जहां दोनों अपहर्ताओं के परिजनों से 10 लाख की फिरौती मांगी थी, वहीं अंतिम रूप से काफी मिन्नतों के बाद गैंग ने ढाई लाख रुपये में डील फाइनल की। यही नहीं दोनों शिक्षकों में एक से फिरौती नहीं ली गई, क्योंकि उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी न होने की दुहाई दी गई।