यह केमिकल इतने खतरनाक हैं कि इनसे त्वचा की गंभीर बीमारियां हो सकती है। टाइप-2 डायबिटीज, पीसीओडी का खतरा भी बढ़ सकता है। सेब को मंडी में लाकर कई महीनों तक कोल्ड स्टोर में रखा जाता है। इससे पहले इसका वैक्सीनेशन होता है। ताकि, ये ज्यादा समय तक खराब नहीं हो। ऐसे ही अंगूर को टिकाने के लिए डाइक्लोवास 26 ईसी नाम के केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अंगूर को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल हो रहा यह केमिकल सेहत के लिए खतरनाक है।