
चित्तौड़गढ़ शहर के सुभाष नगर से चोरी हुई कार को पुलिस ने बरामद किया (पत्रिका फोटो)
Chittorgarh News: चित्तौड़गढ़ शहर के सुभाष नगर से मात्र पांच मिनट में सेंसर और जीपीएस हैक कर चोरी हुई 20 लाख रुपए की लग्जरी कार चोरी मामले में पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जिला स्पेशल टीम और कोतवाली थाना पुलिस ने करीब 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया है।
बता दें कि कार को इंदौर से बरामद कर गुजरात अहमदाबाद के दो खरीदारों को गिरफ्तार किया है। जबकि मुख्य आरोपी मोसिन उर्फ सोनू समेत तीन आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की पूछताछ में गिरोह ने चित्तौड़गढ़, कोटा, टोंक सहित मध्यप्रदेश के उज्जैन और देवास से कुल 6 कारें चोरी करने की वारदातों को अंजाम देना कबूला है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सुभाष नगर निवासी रोकश माहेश्वरी ने 11 जुलाई को कोतवाली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 11 जुलाई की मध्य रात्रि लगभग 1.30 बजे उनके मकान के बाहर खड़ी कार को अज्ञात बदमाश डुप्लीकेट चाबी और जीपीएस-सेंसर हैक कर महज 5 मिनट में चुरा ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा एवं वृत्ताधिकारी बृजेश सिंह के निर्देशन में कोतवाली थानाधिकारी रजनीश कुमार और डीएसटी की विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने चित्तौड़गढ़ से लेकर बांसवाड़ा, इंदौर, अहमदाबाद और महाराष्ट्र तक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की मदद से पुलिस उस नेटवर्क तक पहुंची, जहां चोरी की कारें तुरंत ठिकाने लगाई जाती थीं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोसिन अपने दो साथियों के साथ वारदात को अंजाम देता था और रास्ते में ही अहमदाबाद के अपने साथियों को गाड़ी सौंपकर अगले शहर की ओर निकल जाता था।
पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए अहमदाबाद निवासी दो खरीदारों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरफराज निवासी दानी लिमडा अहमदाबाद और दीपक निवासी कृष्णा नगर अहमदाबाद के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चित्तौड़गढ़ से चोरी हुई कार को इंदौर से बरामद कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मोसिन और उसकी गैंग ने कोटा, टोंक, उज्जैन देवास और चित्तौड़गढ़ से 6 कारें चुराई थीं, जिनमें से 3 गाड़ियां सरफराज और दीपक ने रास्ते में ही हासिल की थीं। पुलिस को अन्य वारदातों के भी खुलासे की संभावना है।
कोतवाली थानाधिकारी रजनीश कुमार, एएसआई नवरंग, राजकुमार साइबर सेल, कांस्टेबल कन्हैयालाल, संजय। जिला विशेष टीम कांस्टेबल रामावतार, सुनील कुमार, दुर्गेश, हेमराज, प्रहलाद, पदम कुमार, जोगेंद्र और मनीष कुमार शामिल रहे।
Updated on:
27 Jul 2026 07:22 pm
Published on:
27 Jul 2026 07:22 pm
