
चित्तौड़गढ़।
सेंसर बोर्ड से पारित हो चुकी फिल्म पद्मावत को अब सुप्रीम कोर्ट से भी हरी झंडी मिल चुकी है। शीर्ष अदालत ने फिल्म को 25 जनवरी को राजस्थान सहित पूरे देश में रिलीज करने की अनुमति दे दी है। लेकिन इस आदेश के बावजूद राजपूत व सर्व समाज अब भी फिल्म का विरोध जारी रखने पर कायम है।
चित्तौड़गढ़ में गांधीनगर स्थित जौहर भवन पर बने जौहर ज्योति मंदिर पर गुरूवार शाम राजपूत समाज की महिलाओं ने हाथों में तलवार लेकर फिर संकल्प दोहराया कि किसी भी सूरत में फिल्म पद्मावत को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।
जौहर क्षत्राणी मंच की महामंत्री निर्मला कंवर राठौड़ ने कहा कि फिल्म के विरोध में चल रहा आंदोलन नहीं रुकेगा। 21 जनवरी को जौहर क्षत्राणी मंच की ओर से दुर्ग से स्वाभिमान यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान आंदोलन को लेकर नई रणनीति तैयार की जाएगी।
जिन राज्य सरकारों ने फिल्म को बैन किया, उन्होंने जनमानस की भावना को समझा था। फिल्म प्रदर्शन किए जाने पर समाज विरोध करेगा। फिल्म को लेकर जनभावनाओं की अनदेखी किसी को नहीं करनी चाहिए।
जौहर क्षत्राणी मंच की महिलाओं ने फिल्म रिलीज होने पर एक दिन पहले जौहर स्थली पर जौहर करने तक की चेतावनी दे डाली। जौहर क्षत्राणी मंच की मंजूश्री शक्तावत समेत अन्य ने कहा कि क्षत्राणियों ने जौहर की तैयारियां कर ली हैं। फिल्म को बैन करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अब जौहर को लेकर जो पहले चेतावनी दी गई थी, वह समय अब नजदीक आ गया है।
जौहर स्मृति संस्थान, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा श्रीराजपूत करणी सेना, राजपूत राष्ट्रीय करणी सेना, श्री भूपाल शिक्षा समिति, श्री क्षत्रिय युवक संघ, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, क्षत्रिय सेवा संस्थान सेंती, प्रताप स्पोर्टज क्लब संस्थान, मेवाड़ क्षत्रिय सेना, महालक्ष्मी अर्थ मुवर्स, जौहर क्षत्राणी मंच, युथ मूवमेंट, कुम्भा संस्थान सहित सर्वसमाज के पदाधिकारियों व बजरंग दल, छात्र संगठनों, व्यापारिक संगठनों, संस्थानों के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार व केन्द्र सरकार के रवैये के प्रति विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि फिल्म बैन कराने के लिए सर्व समाज का संघर्ष जारी रहेगा। फिल्म सही है या गलत इसका फैसला तो केन्द्र सरकार व सेंसर बोर्ड को करना है। सर्वसमाज आन्दोलन से जुडे मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के जिला महामंत्री तेजपाल सिंह शक्तावत ने बताया कि पद्मावती फिल्म पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, गुजरात आदि राज्यों द्वारा बैन घोषित किया गया लेकिन इसके लिए बैन के आदेश जारी होने में भी देरी की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में बैन लगाने के कारणों की सही पैरवी नहीं करने से सरकार की दोहरी मानसिकता भी आमजन के सामने उजागर हो गई। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माता ने 25 जवनरी को रिलिज करने की घोषणा कर दी इसका चित्तौडग़ढ़ सहित देश में पुन: विरोध हो रहा है लेकिन केन्द्र सरकार सेंसर बोर्ड और निर्माता की हठधर्मिता पर मौन है।
सांसद सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री व प्रधानमंत्री से सर्वसमाज के प्रतिनिधि मंडल को मिलाने का बराबर आश्वासन दिया जा रहा है। शक्तावत के अनुसार 13 जनवरी को जौहर भवन पर हुई सर्वसमाज की बैठक में लिए गए निर्णय पर अब भी अडिग है एवं उसी के अनुरूप आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
Updated on:
19 Jan 2018 10:56 am
Published on:
19 Jan 2018 10:14 am
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