
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा। फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : राजस्थान सरकार महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट एवं ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट से पर्यटन क्षेत्र को पंख लगाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अब चित्तौड़गढ़ जिले में भी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप से जुड़ स्मृति चिन्ह व स्मारकों को विकसित किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं। चित्तौड़गढ़ जिले के सीतामाता अभयारण्य को भी ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट में विकसित किया जाएगा।
राज्य सरकार प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन धरोहर तथा जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने तथा नई पीढ़ी को वीर योद्धा महाराणा प्रताप के जीवन से परिचित कराने, उनके शौर्य की गाथा जन-जन तक पहुंचाने के लिए महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित कर रही हैं।
इस सर्किट में महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े विभिन्न स्थलों जैस चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर, उदयपुर आदि को शामिल किया जाएगा। जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान है। राज्य सरकार ने दिवेर, गोगुंदा तथा चित्तौड़गढ़ में भी प्रताप के जीवन से जुड़े स्थानों पर विभिन्न स्मृति चिन्ह तथा स्मारक आदि विकसित करने के निर्देश दिए है।
राज्य सरकार चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ जिले में स्थित सीतामाता अभयारण्य सहित ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर, मातृकुंडिया सहित विभिन्न पर्यटक स्थलों को शामिल करते हुए 100 करोड़ रुपए व्यय कर ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करेगी।
Updated on:
11 Sept 2025 02:58 pm
Published on:
11 Sept 2025 02:58 pm
