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होम क्वॉरंटीन से कोरोना को रोकेगा स्वास्थ्य विभाग

जिले में बढ़ती कोरोना महामारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग ने नई कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया है।
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चूरू

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Madhu Sudhan Sharma

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Updated: 24 Sep 2020, 9:00 AM IST

होम क्वॉरंटीन से कोरोना को रोकेगा स्वास्थ्य विभाग

होम क्वॉरंटीन से कोरोना को रोकेगा स्वास्थ्य विभाग

चूरू. जिले में बढ़ती कोरोना महामारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग ने नई कार्य योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अब कोरोना प्रसार रोकने के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से मरीजों को होम क्वॉरंटीन पर जोर दे रहा है। इसके लिए संक्रमित मरीज व उनके परिजन को राहत देते हुए नियमों में बदलाव किया है। नए आदेशों में अब संक्रमित को सीधे ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवेदन करना होगा। गाइडलाइन की पालना होने पर बीसीएमओ अपने स्तर पर ही आवेदन का निस्तारण कर संक्रमित व्यक्ति को सीधे होम क्वॉरंटीन की इजाजत प्रदान कर सकेगा।
सरकार का बचेगा खर्चा
जिले में सुविधा शुरू होते ही सबसे अधिक फायदा स्थानीय लोगों को होगा। कोविड केयर सेंटर पर रहने से घबरा रहे लोग अब तक कोरोना जैसी गंभीर बीमारी के सामान्य लक्षण आने पर जांच सैम्पल देने से परहेज करते रहे है। इसके अलावा संक्रमित के सम्पर्क में आने वाले भी चिकित्सा विभाग को बताने से डरते थे। ऐसे में अब बिना लक्षण वाले मरीजों को होम क्वॉरंटीन करने पर इनके जांच सैम्पल बढऩे की संभावना है। महामारी की विश्व स्तर की सभी गाइडलाइन में भी बताया गया है कि जहां ज्यादा सैम्पल होंगे वहां जल्दी काबू किया जा सकेगा। इसके अलावा कोविड सेंटर पर रहने वाले मरीजों के उपचार के दौरान रहने व खाने सहित सभी व्यवस्था सरकार के स्तर पर की जाती थी। जिससे भी आर्थिक भार बढ़ रहा था।
पहले थी लम्बी प्रक्रिया
जिले में 21 सितम्बर को चिकित्सा विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी डॉ. सुनील सिंह ने भी बीसीएमओ से होम क्वारेंटीन की स्थिति के बारे में जानकाीर ली। बैठक में सामने आया कि होम क्वॉरंटीन मरीज कम है। बीसीएमओ के पास होम क्वॉरंटीन का आवेदन आने पर जिला कलक्टर की अनुशंषा आवश्यक थी। लम्बी प्रक्रिया होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। इस पर प्रभारी अधिकारी ने इसमें बदलाव करने का सुझाव दिया। चिकित्सा टीमों को रहना होगा पूरी तरह सजग
...तो सुपर स्पे्रडर भी बन सकते हैं
होम क्वॉरंटीन के तहत रहने वाले मरीजों को बीसीएमओ अपने स्तर पर निर्णय कर सकेंगे, लेकिन चिकित्सा विभाग की टीमों को अब ज्यादा सजग रहना होगा। गाइडलाइन की पालना नहीं करने वाले लोग सुपर स्पे्रडर भी बन सकते है। टीमों को होम क्वॉरंटीन के घरों पर नोटिस चस्पा करना होगा। इसके साथ ही घरों पर जाकर भी टीमों को होम क्वारेंटीन की जांच करनी होगी। गाइडलाइन की पालना नहीं करने वाले पर सख्ताई भी अपनानी होगी। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ ब्लॉक में संक्रमित मरीजों की संख्या बढऩे का एक कारण होम क्वॉरंटीन लोगों के गाइड लाइन का पालन नहीं करना बताया जा रहा है। इसका कारण है कि परिवार के सदस्य एक के बाद एक संक्रमित होते चले गए।
सितम्बर माह में बढ़ी संख्या
कोरोना वायरस संक्रमण के मामले जिले में सबसे ज्यादा सितम्बर माह में बढ़े है। इसके अलावा जिले में संक्रमित लोगों की मृत्यु की संख्या भी सितम्बर माह में बढ़ी है। ऐसें में इस पर रोक लगाने के लिए भी लोगों को स्वयं की प्रेरणा से आगे आकर जांच करवाने की आवश्यकता थी।