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जंगल राज : जालिमों ने पहले बेटी की आबरू लूटी, फिर पिता ने मुकदमा वापस नहीं लिया तो उसकी हत्या करवा दी

फिल्मी स्टाइल में कानून व प्रशासन से निडर बेखौफ जालिमों ने पहले एक बेटी के साथ दुष्कर्म किया और बाद में जब पिता ने मामला वापस नहीं लिया तो षडय़ंत्र रचकर उसकी हत्या करवा दी ।
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बूंदी

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Rakesh Kumar Goutam

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Updated: 14 Mar 2017, 7:15 AM IST

seuva

उपखंड के गांव सेऊवा में कुछ जालिमों ने 'जंगल राज' की कहावत की हकीकत में बदल दिया। फिल्मी स्टाइल में कानून व प्रशासन से निडर बेखौफ जालिमों ने पहले एक बेटी के साथ दुष्कर्म किया और बाद में जब पिता ने मामला वापस नहीं लिया तो षडय़ंत्र रचकर उसकी हत्या करवा दी । यह घटना होली के एक दिन पहले हुई। हत्या के बाद समूचे गांव में खामोशी छा गई।

पीडि़ता के पिता की हत्या के बाद ग्रामीणों ने आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। 12 मार्च की सुबह शव गांव के बाहर पड़ा देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तथा घटना का मौका-निरीक्षण कर शव को मोर्चरी में रखवाया। थानाधिकारी अनिल बिश्नोई ने बताया कि मृतक की पत्नी ने मामला दर्ज करवाकर बताया कि 11 मार्च की रात आठ बजे गांव सेऊवा निवासी आरोपित महेश कुमार मोटरसाइकिल लेकर उनके घर आया। बातचीत कर उसके पति को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया। रात दस बजे उम्मेद सिंह ने पत्नी को बताया कि महेश व एक अन्य युवक ने उसे हरनारायण के खेत की ओर ले गए, तथा कोई भी घटना घटित हो सकती है। इस पर वह अपने परिवारजनों के साथ हरनारायण के खेत की ओर दौड़ी। खेत में आरोपित महेश कुमार उसके पति के साथ मारपीट कर रहा था। लोगों को आते देख आरोपित एक अन्य युवक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो गया। पति को संभाला तो उसकी मौत हो चुकी थी।

दर्ज मामले में बताया कि उसकी पुत्री के साथ 28 अगस्त 2015 को आरोपित सेऊवा निवासी नरपत व विकास ने दुष्कर्म किया था, जिसका मामला चल रहा है। नरपत व विकास बार-बार बयान बदलने के लिए धमकी दे रहे थे। आरोप लगाया कि इसी रंजिश में नरपत व विकास ने षडय़ंत्र रचकर महेश कुमार व एक अन्य के साथ मिलकर उसके पति की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा 302, 34 आईपीसी तथा 120 बी अन्तर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव उसके परिजनों को सौंप दिया।

ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन


ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि दुष्कर्म के आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर लेती तो उसकी हत्या नहीं होती। मोर्चरी रूम के पास ग्रामीणों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन भी किया। मौके पर उपस्थित एएसपी नीतेश आर्य एवं थानाधिकारी अनिल बिश्नोई ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा गया।

सीएम से की गुहार, फिर भी नहीं मिला न्याय

मृतक की पत्नी ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। लेकिन धारा 164 के अन्तर्गत बयान दर्ज होने के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई। आरोप लगाया कि जांच अधिकारियों ने धनबल के दबाव में आरोपित विकास का नाम निकालकर उसे गिरफ्तार नहीं किया। उसके परिवार के साथ अन्याय है तथा इसी अन्याय के चलते उसके पति की हत्या कर दी गई।