
सुजानगढ़। लम्बे समय से वंचित परिवारों के लिए अब केंद्र सरकार ने एक बार फिर आशियाने की आस जगा दी है। नए परिवार जुड़ने, सर्वे में छूटने सहित अन्य तकनीकी खामियों के चलते हजारों परिवार आवास योजना से वंचित थे। लेकिन अब केंद्र सरकार ने दोबारा सर्वे करने की गाइड लाइन जारी कर दी है। इस योजना से पात्र परिवार स्वयं आवेदन कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया के लिए सर्वे करने के आदेश दिए हैं।
राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा ने प्रदेश के सभी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि इस योजना में दो तरह से आवेदन लिए जाएंगे। वंचित परिवार खुद भी आवास प्लस ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकता है। ग्राम पंचायत की ओर से नियुक्त सर्वेयर वंचित परिवारों की पहचान कर उनके आवेदन लेंगे।
पात्र परिवार के मोबाइल से ही दस्तावेज अपलोड करने होंगे ओर एप से फेस रीडिंग व आधार से सत्यापन कराना होगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय की नई एमओपी (मेथड ऑफ़ प्रोसीजर ) को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका के महिला समूहो के साथ मनरेगा मेट को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर केन्द्र सरकार ने एमओपी जारी की है। इसमें जिला व पंचायत समिति स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। वार्ड, ग्रामसभा, ग्राम पंचायत व पंचायत समिति के साथ जिला परिषद की बैठकों में स्थाई एजेंडा रखकर योजना में पात्रता व आवास प्लस ऐप से सर्वेक्षण की जानकारी दी जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में गांवों में आवास विहीन परिवारों की पहचान के लिए सर्वे किया जाएगा। सर्वेक्षण करने वालों का पहले सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आवास प्लस ऐप जारी किया है। उसके जरिए सर्वे करने वालों को पहले खुद का फेस रीडिंग से सत्यापन करना होगा। चयनित सर्वेक्षणकर्ता का पंजीकरण पूरा होने के बाद आवास प्लस मोबाइल ऐप पर ई केवाईसी होगी।
सर्वे के दौरान करेंगे जिओ टैगिंग आदेश में कहा गया है कि लाभार्थी को आवेदन के लिए आवास प्लस ऐप पर सर्वे में आधार नम्बर देना होगा। आधार के अनुसार फेस केवाईसी होगी। सर्वे में परिवार के सभी सदस्यों के आधार, जॉब कार्ड, बैंक खाता पासबुक की आवश्यकता होगी। परिवार का कोई एक सदस्य लाभार्थी के रूप में चयनित होगा। महिला सदस्य होने पर उन्हें ही लाभार्थी बनाऐंगे।
महिला नहीं होने पर अन्य सदस्य लाभार्थी बनेंगे। खुद पात्र परिवार की ओर से किए गए सर्वे के दौरान वर्तमान आवास व नए बनाए जाने वाले की जगह की जिओ टैगिंग की जाएगी तथा लाभार्थी की ओर से किए गए सर्वे के सबमिट होने के बाद ग्राम पंचायत के तय सर्वेयर मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे। इस दौरान आवेदन के साथ दिए दस्तावेज दिखाने होंगे।
Updated on:
10 Jan 2025 09:26 pm
Published on:
10 Jan 2025 08:20 pm
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