
बीदासर(चूरू). तहसील क्षेत्र के सांडवा व आस-पास के गांवों के लिए खुशखबरी है। तेल व गैस की खोज करने के लिए ओएनजीसी की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। यदि यहां ऑयल और गैस की उपलब्धता होती है तो क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। जमीन की जांच के लिए मशीन जैसे ही बीदासर तहसील के खेतों में पहुंची तो लोग मशीन देखने उमड़ पड़े। मशीन के माध्यम से क्रूड ऑयल व नेचुरल गैस की संभावना तलाशी जा रही है।
कंपनी के पीआरओ चोखाराम आसू ने बताया कि 1984 में सर्वे किया गया था। अब दोबारा पांच जिलों में ये सर्वे कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सर्वे के लिए फिलहाल चिन्हित स्थानों पर केबल डाली जा रही है। यह कार्य पूरा होने के बाद केबल के निकट कम्पन मशीन से जमीन में आठ किमी की गहराई में जांच की जाएगी।
मशीन से जमीन में जाने वाली किरणें वापस रिकॉर्ड मशीन में फीड होगी। मशीन से प्राप्त डाटा से क्रूड ऑयल व गैस जमीन में है कि नहीं इसका पता लगाएगी। वर्तमान में चूरू, बीकानेर और हनुमानगढ़ में सर्वे चल रहा है।
लीज पर लेंगे खेत
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि सर्वे की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार दुबारा सर्वे करवाया जाएगा। क्रूड ऑयल व गैस की पुष्टि होने पर खेतों को लीज पर लेकर आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। सर्वे के दौरान किसानों को बाड़, सींव व फसलों में क्षति होने पर उसका 30 से 45 दिनों के भीतर मुआवजा भी दिलवाया जाएगा।
गौरलतब है कि राजस्थान में वर्ष 1984 में एक हवाई सर्वेक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट में थार के रेगिस्तान में तेल व गैस के भंडार उपलब्ध होने की संभावनाएं जताई गई थी। ओएनजीसी की टीम बेसलाइन—डाटा तैयार करने में जुटी है। यहां तेल—गैस की उपलब्धता की संभावनाओं के आधार पर अब कंपनी ने जिले में इन उर्जा स्त्रोतों की खोज शुरू कर की है।
Published on:
30 Oct 2017 12:04 pm
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