
आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाकों में भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने मंगलवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण कई जिलों में सामान्य गतिविधियां बाधित हुईं। तूफान का असर नगर निकाय चुनाव की मतगणना, रेल सेवाओं और कृषि गतिविधियों पर भी पड़ा। विजयवाड़ा में भारी बारिश के कारण मतगणना करीब ढाई घंटे देरी से शुरू हुई, जबकि गुंटूर में भी मतगणना की रफ्तार धीमी रही। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के प्रभावित इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार तड़के 3:30 बजे से सुबह 5:30 बजे के बीच ओंगोल के नजदीक आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। चक्रवात के कारण तटीय जिलों में भारी बारिश हुई और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
विजयवाड़ा में नगर निकाय चुनाव की मतगणना पर भारी बारिश का सीधा असर देखने को मिला। निर्धारित समय पर मतगणना शुरू नहीं हो सकी और प्रक्रिया करीब ढाई घंटे देरी से शुरू हुई। अधिकारियों ने शुरुआत में डाक मतपत्रों की गिनती की। इसके बाद पूर्वी, पश्चिमी और मध्य विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले वार्डों की मतगणना अलग-अलग हॉल में की गई।
गुंटूर में भी खराब मौसम के कारण मतगणना की प्रक्रिया धीमी रही। हालांकि, एनटीआर जिले के अन्य मतगणना केंद्रों पर सुबह आठ बजे से प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई। बारिश के बावजूद चुनाव कर्मचारी और प्रत्याशियों के एजेंट निर्धारित समय पर केंद्रों तक पहुंचे। प्रशासन ने मतगणना को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की।
एनटीआर जिले के कलेक्टर डॉ. जी. लक्ष्मीशा ने बताया कि जिले में स्थानीय निकाय चुनाव की मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। उन्होंने कहा कि जिले के पांच स्थानीय निकायों में मतगणना की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
कलेक्टर के अनुसार, सभी मतगणना केंद्रों पर पुलिस सुरक्षा तैनात की गई है और अधिकारी चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी पक्षों से सहयोग मिल रहा है तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
चक्रवात मुरासु का असर तटीय क्षेत्रों की कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर भी पड़ा है। ओंगोल और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। नमक उत्पादन वाले क्षेत्रों में भी पानी भरने और प्रतिकूल मौसम के कारण कामकाज प्रभावित हुआ है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, किसानों और नमक उत्पादन से जुड़े श्रमिकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, नुकसान के कुल क्षेत्रफल और आर्थिक क्षति का आधिकारिक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।
चक्रवात के कारण रेलवे सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। दक्षिण तट रेलवे के विजयवाड़ा मंडल ने मंगलवार को यात्री परामर्श जारी कर विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकने की जानकारी दी।
रेलवे के अनुसार, करावडी रेलवे स्टेशन पर अत्यधिक तेज हवाएं दर्ज किए जाने के बाद एहतियातन यह निर्णय लिया गया। कुल 29 ट्रेनों के परिचालन को नियंत्रित किया गया है। इनमें अप दिशा की 19 और डाउन दिशा की 10 ट्रेनें शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त कुछ रेलगाड़ियों को रद्द करने, मार्ग बदलने अथवा पुनर्निर्धारित करने की कार्रवाई भी की गई है। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आंध्र प्रदेश में मंगलवार को कुल 92 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव की मतगणना शुरू हुई। इनमें 13 नगर निगम तथा 79 नगरपालिकाएं और नगर पंचायतें शामिल हैं। इन चुनावों के लिए एक नवंबर को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान कराया गया था।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतगणना के लिए 138 केंद्रों पर 556 हॉल और 6,831 टेबल की व्यवस्था की गई है। पूरी प्रक्रिया में 47,817 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। राज्य में कुल 62.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
Updated on:
3 Nov 2026, 3:51 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 3:51 PM IST
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