
जोहान्सबर्ग (2007) : पहला टी-20 वर्ल्डकप भले ही भारत ने जीता हो लेकिन जोहान्सबर्ग में खेले गए सुपर सिक्स मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 10 विकेट से हराया था। टॉस हार कर पहले बल्लेबजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बहुत ख़राब रही। लेकिन बाद में मेकमीलियन और ओराम की तेज़ पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने भारत को 190 का लक्ष्य दिया। जवाब में भारत 180 ही बना सका। भारत के लिए सलामी बल्लेबाज़ गंभीर और सेहवाग ने 51 और 40 रनो की बेहतरीन पारी खेली थी।

क्राइस्ट चर्च (2009) : पहली 10 गेंदों में 4 सिक्स लगा कर भारत के धाकड़ बल्लेबाज़ सेहवाग ने न्यूजीलैंड की टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। लेकिन ओब्रायन ने जल्दी ही उन्हें चलता कर दिया, उसके बाद विकेटों की झड़ी लग गई और भारतीय टीम 20 ओवर में भारतीय टीम सिर्फ 162 रन ही बना पाई। भारत के लिए रैना ने सबसे ज्यादा 64 रन बनाए। जवाब में ब्रैंडन मैक्कुलम की 54 रन की पारी के बदौलत न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से रौंद दिया।

वेलिंग्टन (2009) : टॉस हर कर पहले बैटिंग करने आई टीम इंडिया की बहुत ख़राब शुरुआत रही। 47 रानो के निजी स्कोर पर भारत ने 3 विकेट खो दिए। युवराज सिंह के 50 रानो के बदौलत भारत 149 रन ही बना सकी। जवाब में एक बार फिर ब्रैंडन मैक्कुलम ने 69 रानो की तूफानी पारी खेली और न्यूजीलैंड को एक और जीत दिला कर सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली।

चेन्नई (2012) : ये मैच न्यूजीलैंड और भारत के इतिहास का सबसे करीब मैच था। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने एक बार फिर ब्रैंडन मैक्कुलम की 91 रानो की तूफानी पारी की मदद से 167 रानो का लक्ष्य दिया। जवाब में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली ने 70 रन की बेहतरीन पारी खेली, लेकिन कोहली के आउट होने के बाद रानो की गति थम गई और भारत ये मैच मात्र एक रन से हार गया।

नागपुर (2016) : वर्ल्ड टी20 का पहला मुकाबला वह भी भारत की सरजमीं पर। न्यूजीलैंड ने टास जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।न्यूजीलैंड आश्विन की फिरकी में ऐसा फसा की 124 रन पर ढेर हो गया। भारत के लिए ये अच्छा मौका था कीवियो के विरुद्ध अपनी पहली जीत दर्ज़ करने का लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ मिशेल संतनेर और ईश सोढ़ी की स्पिन पढ़ने में नाकाम रहे और ताश के पत्तो की तरह बिखर गए। भारतीय टीम मात्र 74 रन पर ढेर हो गई। ये अब तक की भारत की सबसे शर्मनाक हार है।