
नई दिल्ली। क्रिकेट को ऐसे ही नहीं अनिश्चितताओ का खेल कहा जाता है।टीम को जब जीत मिलती है या आपका पसंदीदा बल्लेबाज अपने बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करता है तो उस टीम को या उस बल्लेबाज को सर-आंखों पर रखा जाता है । तो खराब प्रदर्शन होने पर संन्यास लेने की बात होने लगती है । भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच टेस्ट मैचों के सीरीज में ऐसे तो इंग्लैंड की टीम 2-1 से आगे है । लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिएस्टर कुक के लिए यह सीरीज अभी तक कुछ खास नहीं रही है । बुरे बल्लेबाजी के दौर से गुजर रहे एलिएस्टर के लिए अब संन्यास लेने की बातें भी होने लगी हैं ।
क्या यह समय संन्यास के लिए उचित
कहते हैं हर समय एक जैसा नहीं होता इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिएस्टर कुक जब अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में थे तो उनके बल्लेबाजी को देख कर एक समय उनकी तुलना क्रिकेट के भगवान से की जाने लगी थी । आपको बता दें कुछ समय पहले कहा जाता था कि कुक एक दिन टेस्ट क्रिकेट में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के सबसे अधिक रन के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।कई क्रिकेटर्स और दिग्गजों ने कुक के बारे में कहा था की एलिएस्टर एक दिन सचिन के रिकॉर्ड्स को जरूर तोड़ देंगे । लेकिन समय बदला और उन्ही दिग्गजों ने अब कुक को सन्यास ले लेने की सलाह देनी शुरू कर दी है ।
8 पारी में 13,0,21,29,17,17 और 12 रन आए
भारत के खिलाफ सीरीज की बात करें तो कुक के बल्ले से चार टेस्ट की 8 पारी में 13,0,21,29,17,17 और 12 रन आए। उनका औसत 18.5 का रहा है। कुक की बल्लेबाजी को नई धार देने वाले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ग्राहम गूच भी उनके प्रदर्शन से हैरान हैं। उन्होंने कहा कि कुक की बल्लेबाजी में अब किसी तरह का सुधार नहीं दिख रहा है । भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट में उन्हें टीम में जगह भी मिलती भी है या नहीं यह देखने वाली बात होगी । लगातार सबसे अधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड बनाने वाले कुक ने अब तक 160 टेस्ट खेले हैं जिनमें उनके बल्ले से 12254 रन आए हैं।टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की ओर से सबसे अधिक रन और सबसे अधिक शतक लगाने वाले कुक अब उस दौराहे पर खड़े हैं जहां दिग्गज उनके खेल पर सवाल उठाने लगे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली थी 244 रनों की नाबाद पारी
आखिरी बार जब बॉक्सिंग डे 2017 टेस्ट में जब उनके बल्ले से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 244 रनों की नाबाद पारी निकली थी तो लग रहा था कि कुक एक दिन टेस्ट क्रिकेट में सबसे आगे होंगे लेकिन साल 2018 तक आते-आते उनके बल्ले ने जैसे अपनी धार खो दी है ।आपको जान कर हैरानी होगी पर इस साल कुक ने 9 टेस्ट खेले लेकिन एक भी शतक नहीं लगा पाए हैं । इस साल उनके बल्ले से 16 पारी में 18.62 की औसत से सिर्फ 298 रन आए हैं जिसमें सिर्फ एक अर्द्धशतकीय(70 रनों की) पारी है।
आठ सालों में बल्लेबाजी औसत सबसे नीचे
खराब प्रदर्शन के कारण इस जबरदस्त बल्लेबाज की बल्लेबाजी औसत पिछले 8 साल में पहली बार 45 से नीचे आ गई है। भारत के खिलाफ 2006 में शतकीय पारी के साथ करियर की शुरुआत करने वाले कुक का औसत 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 235 रनों की नाबाद पारी खेलने के बाद 45 से नीचे कभी नहीं गया था।
Updated on:
3 Sep 2018, 5:12 PM IST
Published on:
2 Sep 2018, 11:57 AM IST
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