15 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चुनाव अधिकारी ने काट दिया आठ राज्यों का पत्ता, अब सुप्रीम कोर्ट जाना ही अंतिम विकल्प

विवादों में दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड के चुनाव
less than 1 minute read
Google source verification

•

image

Manoj Sharma Sports

•

Oct 11, 2019

bcci-and-supreme-court.jpg

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( बीसीसीआई ) के चुनाव अधिकारी एन. गोपालस्वामी ने आठ राज्य ईकाई संघों पर 23 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली बीसीसीआई के आगामी बोर्ड चुनाव में भाग लेने से रोक दिया है। इस फैसले के पास अब इन संघों के पास मतदान का अधिकार नहीं होगा। चुनाव अधिकारी ने जिन संघों पर रोक लगाया है, उनमें रेलवे, सर्विसेस, इंडियन यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र, मणिपुर और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

चुनाव से रोक लगाने वाले सदस्यों के पास अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है।

तमिलनाडु क्रिकेट संघ ( टीएनसीए ) के एक अधिकारी ने कहा, "हम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। सिफारिश सीओए द्वारा चुनाव अधिकारी और एमिकस क्यूरी को भेजी गई थी। चूंकि अधिकारी ने कहा है कि हम योग्य नहीं हैं इसलिए हम कोर्ट में जाएंगे। यह एकमात्र विकल्प बचा है क्योंकि कोर्ट ने हमें चुनाव कराने की अनुमति दी है और कहा है कि अयोग्यता परिषद के सदस्यों पर लागू नहीं होती है।"

बीसीसीआई के निर्वाचन अधिकारी एन गोपालस्वामी द्वारा अंतिम मतदाता सूची जारी करने के बाद एजीएम में भाग लेने वालों पर स्थिति स्पष्ट हो गई।

प्रशासकों की समिति ( सीओए ) ने बुधवार को ही सूचित किया है कि तमिलनाडु क्रिकेट संघ ( टीएनसीए ), हरियाणा क्रिकेट संघ ( एचसीए ) और महाराष्ट्र क्रिकेट संघ ( एमसीए ) के संविधान, बीसीसीआई के नए पंजीकृत संविधान के अनुसार नहीं हैं, इसलिए इन तीन संघों को 23 अक्टूबर को मुंबई में होने वाले बीसीसीआई चुनाव में भाग लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।