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विश्व कप-2019 : पहले मैच में भिड़ेंगे इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका, दोनों को है पहले खिताब की तलाश

दोनों देश अभी तक एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप नहीं जीती है विश्व कप का उद्धाटन मैच होगा इन दोनों के बीच दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी तो इंग्लैंड की बल्लेबाजी है मजबूत
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नई दिल्ली

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Mazkoor Alam

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Updated: 29 May 2019, 10:16 PM IST

eoin morgan faf du plessis

विश्व कप-2019 : पहले मैच में भिड़ेंगे इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका, दोनों को है पहले खिताब की तलाश

लंदन : खिताब की प्रबल दावेदार और मेजबान इंग्लैंड की टीम के उद्घाटन मैच में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी तो दोनों का लक्ष्य जीत के साथ विश्व कप अभियान की शुरुआत करना होगा। आईसीसी वनडे रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज इंग्लैंड जानती है कि इस बार विश्व कप जीतने का उसके पास बेहतरीन मौका है। इसलिए वह पहले ही मैच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चाहेगी। तो दक्षिण अफ्रीका की टीम भी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और हरफनमौलाओं से भरी है। वह भी अपने ऊपर से चोकर्स का धब्बा मिटाने के लिए इस विश्व कप में जान लड़ा देगी। इन दोनों टीमों ने ही अभी तक एक बार भी एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप नहीं जीता है।

पिछले विश्व कप के बाद से फॉर्म में है इंग्लैंड

विश्व कप 2015 में इंग्लैंड ने काफी निराशाजनक किया था। इयोन मोर्गन के नेतृत्व वाली यह टीम ग्रुप चरण में ही बाहर हो गई थी। इस बार भी कमान इयोन मोर्गन के ही पास है। लेकिन इस बीच इंग्लैंड ने अपने खेल में जबरदस्त सुधार किया है। हाल-फिलहाल में इंग्लैंड को जीत के लिए चाहे जितना भी लक्ष्य मिला हो, उसने उसमें से अधिकतर को सफलतापूर्वक हासिल किया है। बीते दो सालों में इस टीम ने जितने हाई स्कोरिंग मैच खेले और जीते हैं, शायद ही किसी और टीम ने ऐसा किया होगा। इस टीम की गेंदबाजी भी दमदार है। इसके अलावा पिछले ढाई साल में इंग्लैंड ने कोई भी दो से ज्यादा मैचों वाली सीरीज नहीं गंवाई है।

इंग्लैंड को अभ्यास मैच में मिली थी हार

पहले विश्व कप वार्मअप मैच में इंग्लैंड को जरूर आस्ट्रेलिया से हार मिली थी, लेकिन यह मैच भी बेहद करीबी रहा था। इसके अलावा दूसरे मैच में उसने अफगानिस्तान को मात दी थी। लेकिन यह बात सभी जानते हैं कि वार्मअप मैच किसी टीम की ताकत और कमजोरियों के आंकलन का सही-सही अंदाजा नहीं देते हैं।

मेजबान टीम की बल्लेबाजी में गहराई

इंग्लैंड की बल्लेबाजी में काफी गहराई है। टीम के पास जॉनी बेयरस्टो, जेसन रॉय जैसा सलामी बल्लेबाज हैं। इसके अलावा समकालीन क्रिकेटरों में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माने जाने वाले जो रूट भी टीम में हैं। खुद कप्तान इयान मोर्गन, जोस बटलर और हरफनमौला खिलाड़ी बेन स्टोक्स तथा मोइन अली मध्य और निचले क्रम में ठोस बल्लेबाजी करने की काबिलियत रखते हैं।
इंग्लैंड के बल्लेबाजों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये भरोसेमंद होने के साथ-साथ तेजी से रन बटोरने की कला जानते हैं। यह परिस्थितियों के हिसाब से खेलते हैं और तेज बल्लेबाजी करते वक्त भी ऐसा कम ही लगता है कि जोखिम उठाने के चक्कर में वह विकेट खो देंगे। यह सभी इतने परिपक्व हैं कि विकेट पर टिक कर तेजी से रन बनाते हैं।

इंग्लैंड की गेंदबाजी थोड़ी कमजोर

इंग्लैंड की गेंदबाजी उसकी बल्लेबाजी जितनी मजबूत नहीं है, लेकिन जोफरा आर्चर के आने से वह थोड़ी मजबूत हुई है। वह ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने हाल-फिलहाल में दुनिया के सारे बल्लेबाजों को परेशान किया है। लियाम प्लंकेट, मार्क वुड, क्रिस वोक्स, टॉम कुरैन के साथ उन पर तेज गेंदबाजी की जिम्मा होगा। मोइन अली और आदिल राशिद स्पिन गेंदबाजी का जिम्मा संभालेंगे।

दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों में नहीं है निरंतरता

अभी तक जितने भी विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका खेली है, उसकी टीम हमेशा शानदार रही है। लेकिन कभी दुर्भाग्य तो कभी खुद से वह खिताब के पास जाकर चूकती रही है। इसी वजह से वह चोकर्स के नाम से मशहूर हो गई है। इस टीम के पास बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण है, लेकिन बल्लेबाजी में कई खिलाड़ियों के फॉर्म में न होने के कारण उतनी गहराई नहीं दिख रही है। टीम के कप्तान कप्तान फाफ डु प्लेसिस और युवा विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ही हैं, जो पूरी तरह फॉर्म में नजर आ रहे हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड रखने वाले हाशिम अमला खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं तो एडिन मार्कराम, डेविड मिलर, ज्यां पॉल ड्यूमिनी, एंडिले फेहुलक्वायो, रैसी वान डेर डुसैन में निरंतरता नहीं है। डेविड मिलर और ज्यां पाल ड्यूमिनी के पास अनुभव तो है, लेकिन हाल-फिलहाल में वह बल्ले के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी शानदार

दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी काफी दमदार है। हालांकि टूर्नामेंट से पहले उनके लिए बुरी खबर आई है कि टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज डेल स्टेन कंधे में चोट से नहीं उबर पाने के कारण पहले मैच में नहीं खेलेंगे, इसके बावजूद उनके पास कगिसो रबाडा और लुंगी नगिदी जैसे शानदार तेज गेंदबाज हैं। इन दोनों ने अभ्यास मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन ये दोनों भी हाल ही में चोट से उबरे हैं। इसलिए टीम प्रबंधन उम्मीद करेगा कि पूरे विश्व कप में डेल स्टेन समेत उसके तीनों तेज गेंदबाज फिट रहें। अगर स्पिन गेंदबाजी की बात की जाए तो दक्षिण अफ्रीका के पास इमरान ताहिर जैसा विकेट टेकर गेंदबाज है, जो किसी भी मौके पर टीम को विकेट निकाल कर दे सकता है। इसके अलावा तबरेज शम्सी भी चतुर गेंदबाज माने जाते हैं। ऐसे में यह उम्मीद है कि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच का पहला मैच गेंदबाज बनाम बल्लेबाज होगा।

दोनों टीमें संभावित :

दक्षिण अफ्रीका : फाफ डु प्लेसिस (कप्तान), डेविड मिलर, एडेन मार्कराम, हाशिम अमला, रूसी वैन डेर डुसैन, क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), कगिसो रबाडा, लुंगी नगिदी, इमरान ताहिर, डेल स्टेन, तबरेज शम्सी, ज्यां पॉल ड्यूमिनी, एंडिले फेहुलक्वायो, ड्वेन प्रीटोरियस और क्रिस मौरिस।

इंग्लैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान), जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), जो रूट, जेसन रॉय, बेन स्टोक्स, जेम्स विंसे, जोस बटलर, मोइन अली, टॉम कुरैन, लियाम डॉसन, लियाम प्लंकेट, आदिल राशिद, क्रिस वोक्स, मार्क वुड और जोफरा आर्चर।