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धोनी का टीम से बाहर होना CSK के लिए शुभ संकेत? अब युवा खिलाड़ियों के हाथ टीम की कमान!

IPL 2026, CSK without Dhoni: 2008 के बाद पहली बार CSK बिना धोनी और रैना के मैदान में उतरेगी। क्या धोनी की गैरमौजूदगी चेन्नई के लिए अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलने का एक बड़ा मौका है? जानिए कैसे गायकवाड़ और संजू सैमसन की नई जोड़ी बदलने वाली है चेन्नई की तकदीर।

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भारत

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Anshika Verma

Mar 30, 2026

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महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना प्रैक्टिस के दौरान (Photo - IANS)

IPL 2026, CSK, MS Dhoni: 2008 में आईपीएल शुरू होने के बाद यह पहली बार होगा जब चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ बिना एमएस धोनी और सुरेश रैना के मैदान में उतरेगी। पिछले कुछ सीजन में जब CSK लगातार प्ले-ऑफ में नहीं पहुंच पाई, तो ऐसा लगने लगा था कि टीम पुराने दौर में ही फंसी हुई है। जबकि दूसरी टीमें नए जमाने के आक्रामक क्रिकेट को अपनाकर आगे निकल चुकी थीं।

थाला से आगे बढ़कर सोचे चेन्नई

अब नीलामी में युवा खिलाड़ियों पर दांव लगाने के बाद, CSK एक ऐसे अनजान सफर पर है जहां उनके पास उनके 'थाला' नहीं हैं। धोनी मांसपेशियों में खिंचाव (calf strain) के कारण कम से कम दो हफ्ते बाहर रहेंगे। वो रिहैब के लिए चेन्नई में ही रुक गए हैं, जिसका मतलब है कि गुवाहाटी में होने वाले मैच में टीम का सबसे बड़ा चेहरा देखने को नहीं मिलेगा। पुराने वक्त में धोनी का मैच न खेलना टीम के लिए बहुत बड़ा झटका होता था, लेकिन इस बार चेन्नई के खेमे में कोई घबराहट नहीं है। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि अब फ्रेंचाइजी को अपने इस दिग्गज खिलाड़ी से आगे बढ़कर सोचना चाहिए, जिन्होंने 44 साल की उम्र में भी संन्यास नहीं लिया है। धोनी अब एक 'बूढ़े शेर' से ज्यादा टीम के लिए एक ऐसी उलझन बन गए थे जिसे सुलझाना जरूरी था। अब फ्रेंचाइजी बिना प्रशंसकों को नाराज किए यह देख पाएगी कि धोनी के बिना टीम कैसी दिखती है।

धोनी पर निर्भर थी CSK, अब युवा पर होगी

पिछले कुछ सालों से धोनी ने अपनी बल्लेबाजी को सीमित कर लिया था, और पिछले साल उनसे आगे न बढ़ना एक बड़ी गलती साबित हुई। टीम के पास पावर-हिटर की कमी थी और उन्हें धोनी पर निर्भर रहना पड़ा, जिनका स्ट्राइक रेट 135.17 था। अंक तालिका में सबसे नीचे रहना इस बात का सबूत था कि टीम कितनी पिछड़ चुकी है। पहले जब कप्तानी रवींद्र जडेजा और फिर ऋतुराज गायकवाड़ को सौंपी गई थी, तब टीम थोड़ी लड़खड़ाई थी, लेकिन इस बार बदलाव का यह दौर काफी शांत लग रहा है। विकेटकीपिंग के लिए टीम के पास राजस्थान रॉयल्स से आए संजू सैमसन हैं। वहीं बड़े शॉट्स लगाने के लिए टीम ने ब्रेविस, कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर जैसे युवाओं को जोड़ा है।

टीम की चर्चाओं से दूर है माही

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब यह टीम धोनी की नहीं, बल्कि गायकवाड़ और स्टीफन फ्लेमिंग की सोच वाली टीम नजर आ रही है। पिछले सीजन में जब धोनी को कप्तानी संभालनी पड़ी थी, तब भी उन्होंने प्लेइंग-11 चुनने का फैसला फ्लेमिंग पर छोड़ दिया था। गायकवाड़ ने खुद बताया कि धोनी अब टीम की प्लानिंग और चर्चाओं से दूर रहते हैं। गायकवाड़ ने कहा, 'वह खुद टीम की चर्चाओं में शामिल नहीं होते, वह चाहते हैं कि मैं और फ्लेमिंग चीजों को आगे बढ़ाएं। वह हमसे कहते हैं कि अगर आप मेरी सलाह मांगते भी हैं, तो जरूरी नहीं कि उसे मानें। उनका मानना है कि हमारे विचारों से टीम चलनी चाहिए।'

चोट की मार और नए विकल्प

इस आईपीएल नई शुरुआत के बीच चोटों ने CSK की मुश्किलें बढ़ाई हैं। नाथन एलिस पहले ही पूरे सीजन से बाहर हैं और गुवाहाटी में ब्रेविस की कमी भी खलेगी। लेकिन पिछले साल के विपरीत, इस बार टीम के पास विकल्प मौजूद हैं। सैमसन, गायकवाड़ और आयुष म्हात्रे टॉप-3 में तय हैं, जबकि शिवम दुबे 'फ्लोटर' की भूमिका निभाएंगे। मिडिल ऑर्डर के लिए टीम के पास उर्विल पटेल, सरफराज खान, कार्तिक और प्रशांत जैसे नाम हैं। वहीँ विदेशी खिलाड़ियों में मैट हेनरी और नूर अहमद का खेलना लगभग तय है। ब्रेविस की जगह ऑस्ट्रेलिया के मैट शॉर्ट बैकअप हैं, लेकिन वो भी चोट से उबर रहे हैं। अब जेमी ओवरटन या अकील होसेन में से किसे चुना जाता है, यही टीम का संतुलन तय करेगा।