
करियर होने वाला था खत्म, शाहरुख ने भरोसा जताया, 5 छक्के लगाने वाले गुदड़ी के लाल की कहानी जानिए
Rinku Singh ipl 2023 : इंडियन प्रीमियर लीग में रविवार (9 अप्रैल)को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक ऐसा मुकाबला खेला गया जिससे फैंस आने वाले कई सालों तक याद रखेंगे| गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हुए इस मुकाबले के मुख्य किरदार रहे रिंकू सिंह| बाएं हाथ के बल्लेबाज रिंकू ने मैच के आखिरी ओवर में ऐसा अचंभा दिखाया, जिसकी तारीफ करने के लिए शब्द कम पड़ जाए| कोलकाता को आखिरी ओवर में जीत के लिए 29 रन बनाने थे और मैच देख रहे सभी दर्शक यह मान चुके थे कि कोलकाता की हार अब तय है| गुजरात टाइटंस के कप्तान राशिद खान ने बाएं हाथ के पेस बॉलर यश दयाल को आखिरी ओवर फेंकने की जिम्मेदारी सौंपी, यश दयाल की पहली गेंद पर उमेश यादव ने 1 रन लेकर स्ट्राइक रिंकू सिंह को दिया|
इसके बाद रिंकू ने अंतिम 5 गेंदों पर लगातार 5 छक्के लगा टीम को अविश्वसनीय जीत दिला दी| चंद बरस पहले तक 2 कमरों के मकान में रहने वाला यह लड़का, जिसे साल 2018 की नीलामी में कोलकाता ने 80 लाख में खरीदा, उसके बाद रिंकू का पहला रिएक्शन ऐसा था "मेरे खानदान में इतने पैसे किसी ने नहीं देखा है" और आज हालात यह है कि भारत की ही नहीं पूरे विश्व से लोग इन्हें देख रहे हैं| इनकी तारीफ कर रहे हैं |
हर रोज संघर्ष किया, KKR ने साथ दिया
रिंकू सिंह बेहद गरीब परिवार से आते हैं| उनके पिता घर-घर सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे और पूरा परिवार उसी सिलेंडर बांटने वाली एजेंसी से नजदीक एक दो कमरों वाले मकान में रहता था| रिंकू अपने पांच भाई बहन में तीसरे नंबर पर हैं| रिंकू के बड़े भाई ऑटो रिक्शा चलाते हैं | दूसरा भाई कोचिंग सेंटर में काम करता है | 2018 की नीलामी में बिकने के बाद रिंकू ने कहा था कि सोचा था कोई भी टीम बेस प्राइस 20 लाख में खरीद लेगी| लेकिन मुझे 80 लाख मिल गए| पैसे मिलने के बाद सबसे पहले मेरे दिमाग में यह आया कि मैं अपने भाई की शादी में सहयोग दे पाऊंगा और बहन की शादी के लिए कुछ पैसे भी बचा लूंगा और पूरे परिवार के साथ एक अच्छे घर में शिफ्ट हो जाऊंगा|
नीलामी से पहले रिंकू ने बहुत बुरे दिन देखे थे| इस नीलामी से 3 साल पहले उनके परिवार पर 5 लाख का कर्ज था और परिवार में किसी की कमाई इतनी नहीं थी कि वह पैसे को आसानी से वापस कर पाएं| कर्ज पर ब्याज बढ़ता जा रहा था| नौवीं क्लास में फेल हो चुके रिंकू सिंह पढ़ाई में बिल्कुल अच्छे नहीं थे| इसलिए उन्हें पता था कि सिर्फ एक ही चीज से उनके और उनके परिवार की किस्मत पलट सकती है वह है क्रिकेट| ऐसे में उन्होंने पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगा दिया| रिंकू उस वक्त यूपी अंडर-19 के लिए खेलते थे और यहां से होने वाली सारी कमाई इन्होंने अपने पिता के ऊपर जो कर्ज उसे उतारने में लगा दिए|
जैसे-जैसे रिंकू पैसा कमाते गए परिवार का उन पर भरोसा बढ़ता गया| जब उन्होंने दिल्ली के एक टूर्नामेंट में मैन ऑफ द सीरीज बनने पर मोटरसाइकिल जीती तब उसी मोटरसाइकिल से उनके पिता सिलेंडर डिलीवर करने लगे| कर्ज उतारने के बाद भी परिवार की स्थिति नहीं सुधरी| ऐसे में रिंकू ने अपने भाई से कुछ काम दिलाने को कहा लेकिन जब रिंकू काम पर गए, वहां उनसे सफाई और पोछा का काम कराया गया| जिसके बाद उन्होंने अपनी मां से कहा मैं दोबारा वहां नहीं जाऊंगा मुझे क्रिकेट में ही अपना भाग्य आजमाने दीजिए
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केकेआर ने भरोसा जताया
क्रिकेट में भाग्य आजमा ते हुए रिंकू सिंह विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट लीग इंडियन प्रीमियर लीग तक पहुंचे जहां वह आईपीएल 2018 से ही कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़े हैं टीम हर बार उन्हें रिटर्न कर रही है उनके आगे अच्छे नहीं है इसके बावजूद केकेआर ने उनका हाथ नहीं छोड़ा लेकिन फिर साल 2022 में उन्होंने दिखाया कि वह बेहतरीन फिनिशर बन सकते हैं और रविवार को हुए गुजरात के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि रिंकू सिंह क्या कर सकता है|
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Updated on:
10 Apr 2023 12:58 pm
Published on:
10 Apr 2023 11:36 am
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