उन्होंने कोर्ट को बताया कि लॉर्ड्स टेस्ट के बाद रिजवान को होटल की लॉबी में बुलाया गया और बिना किसी नोटिस के उनसे पूछताछ की गई। वकील के मुताबिक, इस दौरान मोहम्मद रिजवान का मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया गया। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि फोन तीन घंटे के भीतर वापस कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक मोबाइल वापस नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि फोन लौटाने में हो रही देरी एजेंसी की बदनीयती को दर्शाती है।