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बेहद कठिन हैं बर्मिघम में जीतना, मेहमान टीम सिर्फ एक ही बार चेस कर पाई है 190 से ज्यादा का स्कोर, जानें सभी आंकड़े

भारत ने दिन का अंत पांच विकेट के नुकसान पर 110 रनों के साथ किया। लेकिन क्या आप जानते हैं बर्मिघम में आज तक 190 से ऊपर का स्कोर सिर्फ दो ही बार चेस हुआ है।
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जयपुर

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Siddharth Rai

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Updated: 4 Aug 2018, 9:37 AM IST

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ यहां एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारत की जीत का दारोमदार एक बार फिर कप्तान विराट कोहली और दिनेश कार्तिक के कंधों पर आन पड़ा है। इंग्लैंड द्वारा दिए गए 194 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में एक समय अपने पांच विकेट 78 रनों पर ही खो दिए थे, लेकिन कप्तान कोहली ने एक छोर संभाले रखा और तीसरे दिन शुक्रवार का खेल खत्म होने तक धीरे-धीरे रनों के अंतर को पाट अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। भारत ने दिन का अंत पांच विकेट के नुकसान पर 110 रनों के साथ किया। लेकिन क्या आप जानते हैं बर्मिघम में आज तक 190 से ऊपर का स्कोर सिर्फ दो ही बार चेस हुआ है।

बेहद कठिन हैं आंकड़े

जी हां! बर्मिघम के इस मैदान में इंग्लैंड को हराना किसी बभी अन्य टीम के लिए लगभग नामुमकिन होता है। इस मैदान में आज तक किसी भी एशियाई देश ने टेस्ट मैच नहीं जीता है इतना ही नहीं इंग्लैंड ने भारत को 194 रनों के लक्ष्य दिया है। लेकिन इस मैदान में इस से पहले 190 से ज्यादा का लक्ष्य सिर्फ दो ही बार हासिल किया गया है वहीं इंग्लैंड के अलावा किसी भी अन्य देश ने सिर्फ एक बार इस लक्ष्य को पाया है। वहीं भारत ने भी एशिया के बार 190 से ज्यादा का लक्ष्य सिर्फ दो बार हासिल किया है। पिछली बार भारत ने साल 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में 190 से अधिक के लक्ष्य को हासिल किया था।

बता दें इस मैच में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक कप्तान के साथ कार्तिक 18 रन बनाकर डटे हुए हैं। भारत अभी भी जीत से 84 रन दूर है। मैच में हालांकि इंग्लैंड की जीत की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। एजबेस्टन के हालात के मद्देनजर मैच उस पड़ाव पर है कि जीत किसी भी टीम के हिस्से आ सकती है। पहली पारी में 149 रनों की संकटमोचन पारी खेलने वाले कोहली ने दूसरी पारी में भी मेजबान गेंदबाजों की स्विंग का अच्छे से सामना किया और अपने पैर विकेट पर जमाए रखे। दिन का खेल खत्म होने तक कोहली ने 76 गेंदों का सामना कर सिर्फ तीन चौक लगाए हैं।