31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Sunil Gavaskar Birthday: बचपन में टल गया ये बड़ा हादसा, वरना क्रिकेटर नहीं मछुआरे होते सुनील गावस्कर, पढ़ें दिलचस्प किस्सा

गावस्कर के साथ बचपन में एक हादसा हुआ था, जिसके चलते गावस्कर आज क्रिकेटर नहीं बल्कि मछुआरे हो सकते थे। इस बात का खुलासा सुनील गावस्कर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'Sunny Days' में किया है। किताब के मुताबिक नर्स की एक गलती की वजह से वे जन्म लेते ही अपने माता-पिता से बिछड़ गए थे और मछुआरे की पत्नी के पास पहुंच गए थे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Siddharth Rai

•

Updated: 10 Jul 2022, 11:14 AM IST

gavaskar__ss.png

सुनील गावस्कर का आज 73वां जन्मदिन है।

Sunil Gavaskar Birthday: पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का आज जन्मदिन है। 'लिटिल मास्टर' के नाम से मशहूर गावस्कर ने ढेरों रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं और भरता का नाम रोशन किया है। 70 और 80 के दशक में जब वेस्टइंडीज के गेंदबाज अपनी तेज तर्रार गेंदों से दुनिया के सभी बल्लेबाजों के दिल में खौफ पैदा कर रहे थे। तब लिटिल मास्टर एक के बाद एक कीर्तिमान बना रहे थे। गावस्कर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे पहले 10 हज़ार का आंकड़ा छूने वाले बल्लेबाज हैं। गावस्कर ने डेब्यू करते ही दुनिया को बता दिया था कि वे आने वाले सुपरस्टार हैं। अपनी पहली सीरीज में इस धाकड़ बल्लेबाज ने 774 रन ठोके थे। इस दौरान उन्होंने एक दोहरा शतक, 4 शतक और तीन अर्धशतक लगाए थे। उनका यह रिकॉर्ड आज भी कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है।

सुनील गावस्कर का आज 73वां जन्मदिन है। इस मौके पर हम आपको उनके बचपन से जुड़ा किस्सा बताने जा रहे हैं। गावस्कर के साथ बचपन में एक हादसा हुआ था, जिसके चलते गावस्कर आज क्रिकेटर नहीं बल्कि मछुआरे हो सकते थे।

यह भी पढ़ें: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 आज, विम्बलडन फाइनल में इतिहास रचने उतरेंगे जोकोविच

इस बात का खुलासा सुनील गावस्कर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'Sunny Days' में किया है। वे जन्म लेते ही अपने माता-पिता से बिछड़ने वाले थे। यदि ऐसा होता, तो गावस्कर क्रिकेटर नहीं, शायद कोई मछुआरे होते।

किताब में उन्होंने लिखा, 'मैं क्रिकेटर नहीं बना होता और न ही यह किताब लिखी गई होती... अगर मेरी जिंदगी में तेज नजरों वाले नारायण मासुरकर नहीं होते। जब मेरा जन्म हुआ तब वे मुझे देखने अस्पताल आए थे। में उन्हें बाद में नन-काका कहकर बुलाता था। मासुरकर जब मुझसे मिलने आए तो उन्होंने मुझे गोद में उठाया और मेरे कान पर एक बर्थमार्क देखा।'

यह भी पढ़ें : अनुष्का शर्मा से लेकर हेटमायर की पत्नी तक, इन टिप्पणियों को लेकर विवादों में रहे 'लिटिल मास्टर'

किताब में गावस्कर ने आगे बताया कि अगले दिन मासुरकर फिर अस्पताल आए और उन्होंने फिर से बच्चे को उठाया। लेकिन इस बार कान पर वो निशान नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने शोर मचा दिया और सब लोग मुझे ढूंढने लगे। पूरे अस्पताल में बच्चों को चेक किया गया तो मैं मछुआरे की पत्नी के पास सोता हुए मिला।

गावस्कर ने किताब में आगे लिखा, 'अस्पताल की नर्स ने गलती से मुझे वहां सुला दिया था। गावस्कर का कहना है कि शायद बच्चों को नहलाते समय वह बदल गए थे। अगर उस दिन चाचा ने ध्यान नहीं दिया होता, तो हो सकता था कि मैं आज मछुआरा होता।'

बता दें गावस्कर ने 1971 से 1987 तक भारत का प्रतिनिधित्व किया। अपने 16 साल के इस करियर में उन्होंने ढेरों कीर्तिमानों को छुआ। लिटिल मास्टर ने 125 टेस्ट मैचों की 214 पारियों में 51.12 के औसत से 10122 रन बनाए। इस दौरान उन्होंमे 34 शतक और 45 अर्धशतक ठोके। वहीं वनडे इंटरनेशनल में में गावस्कर ने 108 मैचों में 35.13 की औसत से 3092 रन बनाए। वनडे में उन्होंने सिर्फ एक शतक और 27 अर्धशतक लगाए।

बड़ी खबरें

View All

क्रिकेट

खेल