
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज देखने वाले प्रशंसकों का इंतजार और लंबा होता दिख रहा है। आंतकी घटनाएं और सीमापार घुसपैठ जैसी घटनाओं के कारण दोनों देशों के बीच लंबे समय से कोई द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं हुआ है। हाल ही में दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव की स्थिति बढ़ी है। इन विपरित स्थितियों के कारण भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने साफ कहा है कि जब तक पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद और गोलीबारी की घटनाएं बंद नहीं होती, तब-तक दोनों देशों के बीच कोई क्रिकेट सीरीज का आयोजन नहीं किया जा सकता है। बता दें साल 2017 में लंबे समय के बाद भारत और पाकिस्तान की टीमों का आमना-सामना हुआ था।
सलाहकार समिति की बैठक में किया साफ
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज संकेत दिया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद और गोलीबारी बंद नहीं कर देता , तब तक उसके साथ किसी भी द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला की संभावना नहीं है। सुषमा ने यह बात विदेश मंत्रालय संबंधित संसद की सलाहकार समिति से एक बैठक के दौरान कही। बैठक में विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर एवं विदेश सचिव एस जयशंकर भी मौजूद थे।
पाक उच्चायुक्त से की मुलाकात
बैठक में सुषमा ने यह भी कहा कि उन्होंने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रस्ताव किया था कि दोनों देशों को 70 साल से अधिक आयु के बंदियों अथवा महिलाओं या अस्थिर दिमाग वाले लोगों को संबंधों के मानवतावादी पहलू के अनुरूप छोड़ रिहा कर देना चाहिए। बैठक में उपस्थित एक सदस्य ने यह जानकारी दी। इस बैठक का एजेंडा ‘‘पड़ोसियों के साथ संबंध’’ था।
किसी दूसरे देश में नहीं हो सकता है आयोजन
सदस्य ने बताया कि भारत पाक क्रिकेट श्रृंखला किसी निष्पक्ष स्थल पर कराये जाने से संबंधित एक प्रश्न के जवाब में सुषमा ने संकेत दिया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद एवं गोलीबारी बंद नहीं कर देता, ऐसा होने की संभावना नहीं है। उन्होंने सुषमा के हवाले से बताया कि आतंकवाद एवं क्रिकेट साथ साथ नहीं चल सकते हैं।
Published on:
1 Jan 2018, 9:00 PM IST
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