
भारतीय कप्तान शुभमन गिल व अन्य खिलाड़ी। (फाइल फोटो सोर्स: ICC)
Trent Boult on KL Rahul: आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के चक्र में भारतीय टीम संघर्ष करती नजर आ रही है। श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीतने के बावजूद वह अभी भी पॉइंट्स टेबल में 5वें पायदान पर है। अब उसका इस चक्र में अगला असानमेंट न्यूजीलैंड दौरा होगा। भारत के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज हर हाल में जीतना जरूरी होगा, अगर ऐसा नहीं हो सका, तो उसका शीर्ष दो में जगह बनाना काफी मुश्किल होगा। इस सीरीज से पहले न्यूजीलैंड के पूर्व दिग्गज पेसर ट्रेंट बोल्ट ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अनुभवी केएल राहुल 19 नवंबर से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत के मुख्य बल्लेबाज होंगे।
317 टेस्ट विकेट लेने वाले 37 वर्षीय बोल्ट केएल राहुल की बैटिंग स्टाइल के बहुत बड़े फैन हैं और उन्हें उम्मीद है कि भारतीय ओपनर इस सीरीज में मुख्य खिलाड़ियों में से एक होंगे। 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस मैराथन दौरे में 10 व्हाइट-बॉल मैच भी शामिल हैं और यह भारत-न्यूजीलैंड खेल संबंधों के शताब्दी समारोह का हिस्सा है।
ट्रेंट बोल्ट ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मैं हमेशा से केएल राहुल और उनकी बैटिंग स्टाइल का बहुत बड़ा फैन रहा हूं। इसलिए वह इंडियन टीम के लिए टॉप ऑर्डर में एक बड़े प्लेयर हैं। मुझे लगता है कि जायसवाल भी हैं। दो क्लासी बैट्समैन को बैटिंग करते देखना मजेदार होगा।
उन्होंने आगे कहा कि जब इंडियन टीम न्यूजीलैंड में टेस्ट क्रिकेट खेलने आती है, तो हमेशा रोमांच चरम पर होता है।
इस दौरे का समय अक्टूबर-नवंबर के आखिर में है, बैट्समैन के लिए हालात को खास तौर पर मुश्किल बना सकता है, क्योंकि बोल्ट को उम्मीद है कि मौसम काफी ठंडा रहेगा। उन्होंने कहा कि मुझे बस यही लग रहा है कि अक्टूबर के आखिर में मैच होंगे, तब काफी ठंड होगी। उम्मीद है कि हमारे कुछ बॉलर्स के लिए विकेट में थोड़ी हरियाली होगी। मुझे लगता है कि बॉलिंग बहुत बैलेंस्ड है। विल ओ'रूर्के के पास अच्छी पेस है।
काइल जैमीसन और मैट हेनरी अपनी एक्यूरेसी के साथ थोड़ा स्विंग और थोड़ा बाउंस करेंगे। जिस तरह से मैंने टिम और वैगनर ने इतने सालों में यह किया, वह अपने आप में एक अनोखा तरीका था। लेकिन, दूसरी खूबियां और दूसरे गेम प्लान हैं, जिन्हें हमारे युवा बॉलर फॉलो कर सकते हैं।
बोल्ट ने नील वैगनर को याद करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि आप किसी की तुलना नील वैगनर से कर सकते हैं। उनमें टेस्ट के मैदान में कुछ भी नहीं से कुछ निकालने की अनोखी काबिलियत थी और वह हमेशा अपना दिल खोलकर खेलते थे और अपना सब कुछ देते थे। वह उस समय न्यूज़ीलैंड टीम का एक बड़ा हिस्सा थे, लेकिन अब एक नई टीम और खेलने का एक नया तरीका है।
Updated on:
11 Sep 2026, 5:07 PM IST
Published on:
11 Sep 2026, 5:07 PM IST
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