
असम में अब कानून-व्यवस्था छोड़ गाय-बैल संभाल रही पुलिस, पत्र लिख जताई नाराजगी
नई दिल्ली। असम में कानून-व्यवस्था के साथ आजकल एक नई जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है। यहां पुलिसकर्मियों कों गाय-बैलों की देखभाल की जिम्मेदारी दी गई है। यही कारण है कि पुलिसकर्मी राज्य में भाजपा की सर्बानंद सोनोवाल सरकार से खासे नाराज हैं। पुलिसकर्मियों की नाराजगी का आलम यह है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों को कई बार लिख इस मामले की शिकायत भी की है। आपको बता दें कि असम की राजधानी गुवाहाटी स्थित एक पुलिस आउटपोस्ट के पुलिसकर्मी लगभग एक माह से गाय-बैलों की देखभाल कर रहे हैं।
दरअसल, पिछले महीने पुलिस ने पशु तस्करों पर कार्रवाई कर पशुओं से भरे तीन ट्रक पकड़े थे। इन तस्करों से पुलिस ने 85 पशुओं को बरामद किया था। जानकारी के अनुसार पुलिस की पकड़ में आए ट्रक असम, बिहार और हरियाणा नंबर के थे। उस दिन के बाद से सभी गाय-बैलों को पुलिस आउट पोस्ट के बाहर एक मैदान में रखा गया। अब जबकि इस बात को तीन हफ्ते से अधिक का समय हो गया है, बावजूद इसके इन पशुओं का मालिक इनको लेने नहीं आया है। नतीजतन यहां तैनात पुलिसकर्मी इन पशुओं की देखभाल में जुटे हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिसकर्मी इन पशुओं को कही ओर शिफट कराने के लिए कई बार लिख भी चुके हैं, लेकिन कोई असर नहीं हो पाया है। यही नहीं पुलिस ने इसके लिए राज्य के पशुपालन विभाग और गुवाहाटी नगर निगम को भी पत्र लिखा, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं आया।
इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही के चलते इन पशुओं में 2 की मौत हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि पुलिस के पास इतना बजट नहीं है कि इन पशुओं को अच्छे से खिलाया पिलाया जा सके व देखभाल की जा सके। लिहाजा पुलिसकर्मियों ने अब स्थानीय लोगों से मदद के लिए आगे आने को कहा है। हालांकि बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने कुछ पशुओं के लिए चारा का प्रबंध किया है, लेकिन पशुओं की संख्या के हिसाब से वह पर्याप्त नहीं है। अब जबकि कई पशुओं की हालत गंभीर बनी हुई है तो पुलिस ने यह साफ किया है कि ऐसे पशुओं को रखने का उनका काम नहीं है।
Published on:
04 Oct 2018 09:29 pm
