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भीमा-कोरेगांव हिंसा की चश्मदीद लड़की का कुंए में मिला शव, पुलिस को हत्या की आशंका

19 साल की पूजा साकत भीमा-कोरेगांव हिंसा की एकमात्र चश्मदीद थी। उनकों काफी समय से धमकियां मिल रही थीं।
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नई दिल्ली

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Kapil Tiwari

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Updated: 23 Apr 2018, 5:04 PM IST

bhima koregaon violence

bhima koregaon violence

पुणे। भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा का जिन्न एक बार फिर से बाहर आ गया है। दरअसल, इस मामले से जुड़े एक चश्मदीद गवाह की मौत हो जाने से ये मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। 1 जनवरी 2018 को भीमा कोरेगांव में 2 समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा में 1 युवक की मौत हो गई थी। इस हिंसा की एक चश्मदीद गवाह पूजा (19) का शव भीमा कोरेगांव इलाके से कुछ दूरी पर ही मिला है। पूजा की लाश दंगा प्रभावित इलाके से 2 किलोमीटर दूर वाडागांव के एक कुंए में मिली है।

काफी समय से पूजा के परिवार को मिल रही थी धमकियां
बताया जा रहा है कि पूजा को काफी समय से धमकियां मिल रहीं थीं। इसको लेकर पूजा साकत के परिवार ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई थी। पूजा के परिवार ने बताया कि उनकी बेटी को बार-बार धमकी दी जा रही थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को प्रताड़ित भी किया जा रहा था। खबरों के मुताबिक, 11वीं क्लास की छात्रा पूजा साकत ने अपने परिवार के लिए एक अलग ठिकाने की मांग में कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी काटे थे।

पुलिस ने पूजा की मौत की जांच शुरू की
पूजा की हत्या के उनके भाई का कहना है कि पुलिस को पूजा के गायब होने की खबर भी दी थी। भीमा कोरेगांव से 2 किमी दूर एक कुंए में उसकी लाश मिली। भाई का कहना है कि उन्हें शक है कि स्थानिय लोगों द्वारा उसे कुंए में धक्का देकर गिरा दिया गया होगा। वहीं पुलिस का कहना है कि वो मामले की छानबीन कर रहे हैं औऱ पूजा के घरवालों के आरोपों को भी ध्यान में रखे हुए हैं लेकिन पहले ये पता लगाया जाएगा कि पूजा की मौत की असली वजह क्या है

जनवरी 2018 में भीम-कोरेगांव में हुई थी हिंसा
आपको बता दें कि 1 जनवरी 2018 को महाराष्ट्र के पुणे के पास भीमा-कोरेगांव लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम में दो समुदायों के बीच हिंसा हो गई थी। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। जिसके बाद हिंसा का विस्तार प्रदेश के कई शहरों तक हो गया था। मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, अहमदनगर जैसे शहर भीमा कोरेगांव हिंसा की चपेट में थे। इस हिंसा का आरोप एकबोटे तथा संभाजी भिड़े गुरूजी पर लगा था। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।

पुलिस ने 14 मार्च को एकबोटे को उनके शिवाजी नगर स्थित घर से गिरफ्तार किया था। भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार समस्त हिंदू आघाड़ी के कार्याध्यक्ष मिलिंद एकबोटे को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस. एम. मेनजोगे ने गुरूवार को सशर्त जमानत दे दी है।