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जयपुर में रिटायर्ड जिला जज से 2.15 करोड़ की ठगी, केरल से 2 आरोपी गिरफ्तार; CBI-RBI अधिकारी बनकर दिया झांसा

राजधानी जयपुर में डिजिटल अरेस्ट कर 90 साल के बुजुर्ग से 2.15 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने केरल के एर्नाकुलम से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अपने बैंक खातों में रकम लेकर चेक से निकाली थी।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 27 Oct 2026, 6:49 PM IST

retired judge cheated of over 2 crore above in jaipur

आरोपी आनंद बाबू और इबिन बेसिल (पत्रिका फोटो)

Jaipur Retired District Judge Digital Arrest Scam: राजधानी जयपुर में डिजिटल अरेस्ट कर 90 साल के बुजुर्ग (रिटायर्ड जिला जज) से 2 करोड़ 15 लाख रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में जयपुर दक्षिण जिला पुलिस ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए केरल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ठगी की रकम अपने बैंक खातों में प्राप्त की और चेक के जरिए रुपए निकाल लिए। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें अनुसंधान के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया, मामले में पीड़ित के बैंक खाते से 2.15 करोड़ रुपए अलग-अलग स्तरों पर कई सौ बैंक खातों में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने बैंक खातों की जांच और संदिग्ध लेन-देन के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की।

व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर खुद को बताया CBI अधिकारी

पुलिस के मुताबिक, 12 अगस्त 2026 को रविंद्र सिंह मोहनोत ने ज्योति नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके मामा गणपत सिंह भंडारी (रिटायर्ड जिला जज) को 28 जुलाई 2026 को व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी और खुद को मुंबई, महाराष्ट्र का CBI अधिकारी बताया।

कॉल करने वाले ने बुजुर्ग को बताया कि मुंबई में 50 करोड़ रुपए का हवाला ट्रांजेक्शन पकड़ा गया है। हवाला की राशि में से कुछ रुपए उनके बैंक खाते में भी जमा हुए हैं। इसके बाद उन्हें धमकाया गया कि यदि उन्होंने बताए अनुसार सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर मुंबई ले जाया जाएगा।

परिवार को बताने से किया मना, RBI अधिकारी बनकर भी किया कॉल

आरोपियों ने बुजुर्ग को परिवार के किसी भी सदस्य को इस बारे में जानकारी नहीं देने की हिदायत दी। उन्हें कहा गया कि यदि उन्होंने परिवार को बताया तो परिजनों को भी पूछताछ के लिए मुंबई लाया जाएगा। इसके कुछ समय बाद एक अन्य व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर खुद को RBI का मैनेजर बताया। उसके कहने पर बुजुर्ग ने म्यूचुअल फंड से जुड़ी पूरी जानकारी भी साझा कर दी। इसके बाद कॉल करने वाले अलग-अलग समय पर उनसे रुपयों की मांग करते रहे। बुजुर्ग ने उनके बताए बैंक खातों में कई बार लाखों रुपए ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 2 करोड़ 15 लाख रुपए की ठगी की गई।

कई सौ बैंक खातों में ट्रांसफर हुई रकम

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज के निर्देशन में विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ललित शर्मा और एसीपी अशोक नगर डॉ. पूनम के सुपरविजन में ज्योति नगर थानाधिकारी गुंजन सोनी के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पीड़ित के बैंक खाते से ट्रांसफर हुई रकम के संबंध में कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों को डेबिट फ्रीज किया गया। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट और अन्य विवरण भी प्राप्त किए। इसी प्रक्रिया में कुछ संदिग्ध खातों को चिन्हित किया गया।

70 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन से जुड़े खाते की जांच में मिले सुराग

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान 70 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन से संबंधित ICICI बैंक के एक खाते को चिन्हित किया गया। इस खाते से केरल के तीन बैंक खातों में से दो खातों में 5-5 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। इन दोनों खातों के खाताधारक आरोपियों ने चेक के जरिए रकम निकाल ली थी।

इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों खाताधारकों को केरल के एर्नाकुलम से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लाया गया। दोनों को संबंधित न्यायालय में पेश कर आगे की जांच के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। मामले में पुलिस का अनुसंधान जारी है।

केरल के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आनंद बाबू (26) पुत्र बाबू सी.एन., निवासी चित्ते हाउस, मन्नमतुरूथ, थाना वारापुझा, एर्नाकुलम, केरल। इबिन बेसिल (31) पुत्र बेसिल सी.ए., निवासी चम्बाकाचेरी हाउस, पुथुकरवट्टम, थाना एलामक्करा, एर्नाकुलम, केरल। पुलिस के अनुसार, इस मामले का पीड़ित 90 वर्षीय बुजुर्ग है। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाया जाता है। इसका एक कारण उनका अकेले रहना और सामने वाले व्यक्ति पर जल्दी भरोसा कर लेना है।

आरोपी वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित को कई दिनों तक भरोसे और भ्रम में रखते हैं। इस दौरान पीड़ित किसी परिचित या परिजन से भी अपनी परेशानी साझा नहीं कर पाता। इस मामले में भी इसी तरह बुजुर्ग को भ्रम में रखकर ठगी की गई। पुलिस के अनुसार, इस संबंध में राजस्थान पुलिस और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर एडवाइजरी जारी करते रहे हैं। मामले में ज्योति नगर थाना पुलिस की ओर से भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम-2008 की धारा 66-D के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

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