पूर्व सीजेआई आरएम लोढा को भारतीय क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग विवाद के बाद बोर्ड में बदलाव की शुरुआत का श्रेय जाता है। जनवरी, 2019 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीसीआई के लिए नियुक्त निकाय प्रशासकों की समिति (सीओए) की आंतरिक कार्यशैली पर सवाल उठाया था। इस बात को लेकर लोढा का कहना है कि यह वह तरीका नहीं है, जिस तरह सीओए काम करता है। यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त की गई निकाय है। इससे सामूहिक रूप से कार्य करने की उम्मीद है। यदि किसी मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होता है, तो इसे सुप्रीम कोर्ट के ध्यान में लाना चाहिए। इसलिए तीसरे सदस्य को नियुक्त किया जा सकता है और बहुमत से निर्णय लिया जा सकता है। जब तक दो सदस्य हैं तब तक निर्णय एकमत से होना चाहिए।