दोनों ने बलराम को दुकान में सामान भरने के लिए कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा दिया और बलराम के नाम से आईसीआईसीआई बैंक चांपा में करंट व सेविंग एकाउंट खुलवा दिया। दोनों एकाउंट की पासबुक और एटीएम को माइकल व हरीश अपने पास रख लिए और लोन पास होने के बाद वापस करने की बात कही। बलराम को डेढ़ माह बाद पोस्ट ऑफिस से एक लिफाफा मिला, जिसे लेकर वह हरीश यादव, माइकल के पास गया और उससे जानकारी ली तो उसे बताया गया कि उसके नाम से खाता खुला है उसी का नोटिस है, अब उसका लोन भी पास हो जाएगा।