
Dabra house roof collapse: डबरा में कच्चे मकान की छत गिरने से मां-बेटे का निधन (फोटो सोर्स- Patrika)
House roof collapse: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में कच्चे मकान की छत गिरने का मामला सामने आया है। डबरा शहर के जंगीपुरा इलाके में तेज बारिश के बीच एक दो मंजिला कच्चे मकान की छत नीचे गिर गई। मलबे में एक ही परिवार के पांच सदस्य दब गए। इस घटना में मां और उसके 2 साल के मासूम बेटे का निधन हो गया। पिता और दो मासूम बच्चियां गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम और एसडीओपी घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों से मुलाकात की। ताजा मिली जानकारी के अनुसार,गुरूवार तड़के घायलों को आगे के उपचार के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार देर रात 11:30 की बताई गई है। जोगेंद्र रजक समेत पांच लोगों का परिवार अपने कमरे में सो रहा था कि तभी कच्चे मकान की छत बारिश के दौरान एकाएक नीचे गिर गई। परिवार के सभी सदस्य मलबे में दब गए। छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और देखा कि पूरा कमरा मलबे व ईंट-पत्थरों से पटा हुआ था।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम नवकिरण कौर और सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से भारी मशक्कत के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाला। मलबे से निकाले गए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 33 वर्षीय सीमा का निधन अस्पताल पहुंचने से पहले हो गया था। वहीं,गंभीर रूप से घायल पिता जागेंद्र रजक, बेटी वैशाली (5) और रागनी (8) को प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में जोगेंद्र रजक और सीमा के 2 साल के बेटे आदित्य उर्फ गुन्नू की भी जान चली गई।
मिली जानकारी के अनुसार, जागेंद्र का परिवार पिछले 15 सालों से इसी मकान में किराए पर रह रहे थे। वह ग्वालियर स्थित एक जूता फैक्ट्री में मजदूरी करते थे और रोज ट्रेन से आते-जाते थे। वहीं पत्नी सीमा घरों में हाउस हेल्प का काम कर परिवार चलाती थी। बताया जा रहा है कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था जिसके कारण परिवार इस जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। गनीमत रही कि परिवार की दो अन्य बेटियां नैंसी और गौरी उस रात पास ही रहने वाले अपने चाचा राघवेंद्र के घर सो रही थीं, जिससे उनकी जान बच गई।
हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों और स्थानीय लोगों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर उचित इलाज मिलता तो सीमा बच सकती थी। घटना की सूचना पर एसडीएम नवकिरण कौर, एसडीओपी सौरभ कुमार और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए सरकारी आर्थिक मदद और बच्चियों की शिक्षा की व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही अस्पताल में लापरवाही के आरोपों की जांच के आदेश दिए।
Updated on:
03 Sept 2026 12:43 pm
Published on:
03 Sept 2026 12:27 pm
