
57 cases are already registered against the accused family
दमोह. दमोह में $कानून व्यवस्था का ढांचा लचर है। बरमासा गोलीकांड के आरोपी परिवार पर पहले से 57 मामले दर्ज थे। पिछले दो साल से पीडि़त अहिरवार परिवार लगातार आवेदन कर रहा था, लेकिन दो चार मामलों में एसपी के प्रतिवेदन पर कलेक्टर द्वार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई तो की जाती रही है, लेकिन बरमासा गांव के ठाकुर परिवार के आरोपित सदस्यों पर एक भी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपितों के हौसले बुलंद हुए और 58वें नए आपराधिक मामले में वृद्धि कर दी है।
गौरतलब है कि बरमासा गांव के राजकुमार अहिरवार का विवाद गांव के ही नरेश ठाकुर से चल रहा था। जिसमें पिछले सोमवार को मौका पाकर नरेश ठाकुर, रमेश ठाकुर, धर्मवीर सिंह व सुनील अहिरवार ने बाइक से गांव लौट रहे राजकुमार पर गोली दाग दी थी। घटना में राजकुमार के साथ राकेश व एक अन्य साथी भी घायल हुए थे। जिन्हें आरोपियों ने लाठियों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। गोली लगने से जबलपुर का इलाज मेडिकल कॉलेज जबलपुर में चल रहा है।
घायल राजकुमार के साथी राकेश के अनुसार बरमासा गांव के आरोपी ठाकुर परिवार पर पूर्व से 57 मामले अलग-अलग घटनाओं के दर्ज हैं। आरोपी परिवार द्वारा पहले भी अहिरवार परिवार के साथ मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। घायल राजकुमार के परिजनों ने बताया कि आरोपियों के द्वारा पहले भी हमारे परिवार के लोगों के साथ मारपीट की जा चुकी है। जिसमें मामला दर्ज हुआ था। उसमें राजीनामा कर जबरन गवाही पलटने को लेकर भी मारपीट की गई थी। आरोपी पिछले कई दिनों से धमकाते घूम रहे थे। इसके संबंध में पुलिस अधीक्षक के यहां चार बार शिकायत की जा चुकी है। एक बार मुख्यमंत्री को भी लिखकर भेजा गया।
जिसमें बरमासा निवासी नरेश पिता भगवत सिंह ठाकुर पर 25 मामले दर्ज हैं। रमेश पिता भगवत सिंह ठाकुर पर 14 मामले दर्ज हैं। दुर्गेश पिता भगवत सिंह ठाकुर पर 11 मामले दर्ज हैं। धरमवीर पिता रमेश सिंह ठाकुर पर 4 मामले दर्ज हैं, वहीं वैभव पिता दुर्गेश सिंह ठाकुर पर 3 मामले दर्ज है।
पुलिस रिकार्ड में मामले दर्ज होने व एसपी को 4 बार आवेदन दिए जाने के बाद भी एसपी डीआर तेनीवार का कहना है कि आरोपियों पर कितने अपराध दर्ज हैं, यह मुझे शब्दश: जानकारी नहीं है। उसको मैं जानकारी ले कर के ही कुछ बता पाऊंगा आवेदन यदि मुझे आवेदन दिए गए हैं तो उनको भी निकलवाता हूं। कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य का कहना है कि इतने अधिक अपराध दर्ज होने पर निश्चित जिलाबदर किया जाना चाहिए, मैं चेक कराता हूं।
Updated on:
3 Nov 2022, 9:28 PM IST
Published on:
3 Nov 2022, 9:28 PM IST
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