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सावधान! बाजार में बिक रहा मिलावटी खोवा, शक होने पर ऐसे करें चेक

MP News: शरद पूर्णिमा पर लड्डू बनाने के लिए बाजार के नकली खोवे से बचें। महिलाएं अब घर पर दूध की मलाई से शुद्ध खोवा बनाकर स्वादिष्ट और सुरक्षित लड्डू तैयार कर रही हैं।
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दमोह

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Akash Dewani

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Updated: 6 Oct 2025, 1:20 PM IST

sharad purnima sweets adulterated khova damoh mp news

sharad purnima sweets adulterated khova damoh (फोटो- सोशल मीडिया)

Sharad Purnima Sweets: शरण पूर्णिमा का त्योहार कल दमोह में धूमधाम से मनाया जाएगा, इसके लिए घरों में खोवा खरीदकर लड्डू बनाने की तैयारी भी हो गई है। हर घर में खोवा के लड्डू बनाए जाते हैं या लोग खरीदकर लाते हैं। ऐसे में शरण पूर्णिमा पर भारी मात्रा में खोवे की खपत जिले भर में होती है जो कि मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया से दमोह पहुंचता है।

इसके सबसे ज्यादा नकली और मिलावटी मावा भी होता है। इससे बचने के लिए इस बार अधिकांश महिलाएं बाजार के मिलावटी खोवे से दूर रहना ही पसंद कर रही हैं। महिलाओं ने दूध की मलाई से घरों में ही खोवा बनाकर लड्डू बनाए जा रहे हैं। (mp news)

महंगी हो रही मिठाई, महिलाएं घर पर बना रही

खोवा और मिठाई बेचने वालों से चर्चा की तो पता चला कि खोवा के भाव अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार है। वहीं मिठाई भी 200 रुपए किलो तक में उपलब्ध है। हालांकि, इसका अधिकतम रेट 1000 रुपए किलो तक बताया जाता है। लोग सस्ते के चक्कर में नकली खोवा (Adulterated Khova) ले जाते है।

लक्ष्मी सेन, बबीता अग्रवाल ने बताया कि वह इस घर में ही खोवा बनाने जा रही हैं, जिससे ही उनके घर शरद पूर्णिमा के लड्डू बनेंगे। इसके लिए उन्होंने कुछ दिनों ने दूध से निकलने वाली मलाई को एकत्र करके रखा था। अब उसे गर्म करके खोवा बना रही हैं। यह खोवा पूरी तरह शुद्ध और पूजा में उपयोग के लिए रहेगा। वहीं इसके लड्डू बहुत की स्वादिष्ट बनते हैं। (mp news)

ऐसे जांचे गुणवत्ता

खोवा में आरारोट, आटा, स्टार्च की मिलावट का पता करने के लिए खोवा की कुछ मात्रा लेकर उसमें पानी मिलाकर घोल तैयार कर लें। उक्त घोल में टिंक्चर आयोडीन की कुछ बूंद मिलाएं। उक्त घोल का रंग अगर बैंगनी काले रंग का हो जाए तो उसमें आरारोट की मिलावट की पुष्टि होती है।

इसी प्रकार खोवा में डालडा या वनस्पति घी की मिलावट पता करने के लिए खोवा की कुछ मात्रा को पानी में घोलकर घोल बनाएं। उक्त घोल में सांद्र हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूंदे मिलाएं। कुछ देर बाद उसमें शक्कर के दाने मिलाने पर उक्त घोल का रंग अगर लाल बैंगनी हो जाता है तो उक्त खोवा में डालडा वनस्पति घी की मिलावट की पुष्टि होती है। (mp news)