28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

देश को हिला देने वाली इस घटना के बाद भी नक्सलियों का अटैक हुआ फेल, पूरे कैंप को बना रखा था टारगेट

समर्पित माओवादी सुक्का भी बुरकापाल मुठभेड़ में शामिल था। प्रेसवार्ता के दौरान खुलासा किया था। उस दिन आंध्रा से भी लडकू माओवादियों की विंग आई थी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

दंतेवाड़ा

•

image

ajay shrivastav

•

Updated: 1 Sep 2017, 8:44 PM IST

 प्रेसवार्ता के दौरान खुलासा किया था

प्रेसवार्ता के दौरान खुलासा किया था

दंतेवाड़ा. सुकमा के बुरकापाल अटैक प्लान को माओवादी फेल बता रहे हैं। जबकि इस वारदात में 25 जवान शहीद हो गए थे। बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद भी माओवादी इस ऑपरेशन नकामयाब कह रहे हैं। इसका उल्लेख माओवादी दस्तावेजों में है। ये दस्तावेज पुलिस को अरनुपर मुठभेड़ में मिले है, जहां फोर्स ने माओवादी कैंप ध्वस्त किया था। दस्तावेज गोंडी भाषा में थे जिसे पुलिस हिंदी में अनुवाद कराने में लगी हुई है।

Read More : शाम ढलते ही इस इंटरस्टेट बस स्टैंड में सजती है महफिल, खुलेआम होता है गंदा काम

300 से ज्यादा ने घेरा था
समर्पित माओवादी सुक्का (19) भी बुरकापाल मुठभेड़ में शामिल था। उसने प्रेसवार्ता के दौरान भी इस बात का खुलासा किया था। उस दिन आंध्रा से भी लडकू माओवादियों की विंग आई थी। साथ ही बस्तर में हिड़मा के नेतृत्व में इस वारदात को अंजाम दिया गया। करीब 300 से अधिक माओवादी मौजूद थे। एंबुश के मुताबिक 30 टुकडिय़ां बनाई गई थी।

Read More : 15 गायों का हत्यारा छिपा था कांकेर में, आज कोर्ट में पेशी

पूरे कैंप को टारगेट करना चाहते थे माओवादी
समूचे देश को हिला देने वाली वारदात 2017 के अप्रैल माह में हुई थी। सुकमा के बुरकापाल में माओवादियों ने करीब दो किलोमीटर का एंबुश लगाया। बताया जा रहा है कि माओवादियों को सूचना था कि 100 से अधिक सीआरपीएफ के जवान इसी रास्ते से निकलेगें। हालांकि जवानों की सूझबूझ से माओवादी दूसरे ताड़मेटला को अंजाम नहीं दे सके थे। माओवादी ताड़मेटला की घटना को यहां दोहराना चाहते थे।

Read More : सुबह जब उठे लोग सड़क पर मरी पड़ी थी 16 गाय, जानिए क्या हुआ इनके साथ

दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है
एएसपी गोरखनाथ बघेल ने बताया कि अपनी समीक्षा पुस्तिका में माओवादी खुद को कमजोर बता रहे हैं। मिले दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है। माओवादी ताड़मेटला की घटना को यहां दोहराना चाहते थे।