
प्रेसवार्ता के दौरान खुलासा किया था
दंतेवाड़ा. सुकमा के बुरकापाल अटैक प्लान को माओवादी फेल बता रहे हैं। जबकि इस वारदात में 25 जवान शहीद हो गए थे। बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद भी माओवादी इस ऑपरेशन नकामयाब कह रहे हैं। इसका उल्लेख माओवादी दस्तावेजों में है। ये दस्तावेज पुलिस को अरनुपर मुठभेड़ में मिले है, जहां फोर्स ने माओवादी कैंप ध्वस्त किया था। दस्तावेज गोंडी भाषा में थे जिसे पुलिस हिंदी में अनुवाद कराने में लगी हुई है।
300 से ज्यादा ने घेरा था
समर्पित माओवादी सुक्का (19) भी बुरकापाल मुठभेड़ में शामिल था। उसने प्रेसवार्ता के दौरान भी इस बात का खुलासा किया था। उस दिन आंध्रा से भी लडकू माओवादियों की विंग आई थी। साथ ही बस्तर में हिड़मा के नेतृत्व में इस वारदात को अंजाम दिया गया। करीब 300 से अधिक माओवादी मौजूद थे। एंबुश के मुताबिक 30 टुकडिय़ां बनाई गई थी।
पूरे कैंप को टारगेट करना चाहते थे माओवादी
समूचे देश को हिला देने वाली वारदात 2017 के अप्रैल माह में हुई थी। सुकमा के बुरकापाल में माओवादियों ने करीब दो किलोमीटर का एंबुश लगाया। बताया जा रहा है कि माओवादियों को सूचना था कि 100 से अधिक सीआरपीएफ के जवान इसी रास्ते से निकलेगें। हालांकि जवानों की सूझबूझ से माओवादी दूसरे ताड़मेटला को अंजाम नहीं दे सके थे। माओवादी ताड़मेटला की घटना को यहां दोहराना चाहते थे।
दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है
एएसपी गोरखनाथ बघेल ने बताया कि अपनी समीक्षा पुस्तिका में माओवादी खुद को कमजोर बता रहे हैं। मिले दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है। माओवादी ताड़मेटला की घटना को यहां दोहराना चाहते थे।
Published on:
1 Sep 2017, 8:44 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.