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महिलाओं से छेड़छाड़ करने के आरोप से बचने फाॅर्स ने नक्सली क्षेत्र में तैनात किया 60 महिला कमांडो की टीम, ये है खासियत

दंतेश्वरी फाइटर्स के नाम से बनाई स्पेशल टीम, नक्सलियों के खिलाफ पहली बार कैंप की सुरक्षा में तैनात है ये कमांडो .
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दंतेवाड़ा

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Bhupesh Tripathi

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Updated: 17 Nov 2019, 4:29 PM IST

महिलाओं से छेड़छाड़ करने के आरोप से बचने फाॅर्स ने नक्सली क्षेत्र में तैनात किया 60 महिला कमांडो की टीम, ये है खासियत

महिलाओं से छेड़छाड़ करने के आरोप से बचने फाॅर्स ने नक्सली क्षेत्र में तैनात किया 60 महिला कमांडो की टीम, ये है खासियत

दंतेवाड़ा . नक्सली अपने प्रभाव वाले इलाके में पुलिस कैंप खोले जाने का विरोध करने अक्सर महिलाओं को आगे कर देते हैं। इससे निपटने अब उन्हीं के तरीके से जवाब देने की रणनीति पुलिस ने तैयार की है। इसके तहत पहली बार दंतेवाड़ा के पोटाली कैंप में महिला कमांडों को तैनात किया गया है। इस स्पेशल 60 की टीम में करीब 35 महिलाएं हैं। कहने को तो ये महिलाएं हैं पर मौका पड़ने पर अपने बचाव के लिए पेपर स्प्रे के साथ ही एके 47 से भी गोलीबारी करने के लिए सक्षम हैं।

दंतेश्वरी फाइटर्स के नाम से बनाई गई यह टीम विशेष ट्रेनिंग से लैस है जो किसी किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। कुछ रोज पहले इन महिला कमांडोंज ने गांव की महिलाओं से मुलाकात की और जरूरी सामान भी बांटे। अक्सर यह आरोप लगता है कि फोर्स के जवान महिलाओं के साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ करते हैं। पुलिस ने अब इस सवाल के जवाब का काट निकालने के लिए कैंप में महिलाओं की तैनाती की है।

एके - 47 के साथ पेपर व मिर्ची स्प्रे भी
एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि चिकपाल कैंप की सफलता को देखते हुए नक्सलियों के कोर एरिया पोटाली में भी कैंप खोला गया है। नक्सली महिलाओं को आगे करके विवाद पैदा करना चाहते हैं, इसलिए यहां महिला कमांडो को तैनात किया गया है। बिगड़ी स्थिति से निपटने के लिए इन्हें प्रशिक्षित किया गया है।

ऐसे चुनी गईं 60 महिला कमांडो
इन स्पेशल 60 महिला कमांडो की भर्ती के लिए तीन क्राइटेरिया थे। 20 महिलाएं सरेंडर नक्सली हैं। दूसरी कै टेगिरी में 20 एेसी महिलाएं हैं नक्सली पीड़ित हैं। तीसरी कैटेगिरी में 20 नई महिलाएं हैं। सभी 60 लोग स्थानीय हैं और विशेष ट्रेनिंग से लैस हैं।

एके -47 ही नहीं इससे ज्यादा एडवांस हथियार चलाती हैं।
सडक़ कंस्ट्रक्शन को सिक्युरिटी देने में जितनी माहिर हैं उतनी ही माहिर ये जंगलों में माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाने से लेकर सर्चिंग करने में भी। ये अपने साथ एके-47 जैसे हथियारों के अलावा यूबीजीएल जैसे खतरनाक हथियार भी रखती हैं। आटोमैटिक हथियार से लैस ये कमांडोज महिला माओवादियों की तर्ज ही स्पेशल ट्रेनिंग लेकर मोर्चे पर तैनात की गई हैं। बीते एक दशक में महिला नक्सलियों ने बड़े हमले कर जवानों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है और जवानों के हथियार भी महिला नक्सली लूट ले गईं हैं।

शांतिपूर्ण चुनाव समेत कई बड़ी उपलब्धियां
एसपी अभिषेक पल्लव बताते हैं कि पिछले एक साल में महिला कमांडो ने कई बड़ी सफलताएं हासिल की है। उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा के हिलोरी में ऑपरेशन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। तो वहीं दंतेवाड़ा उपचुनाव के दौरान यहां दोनों महिला प्रत्याशियों के चलते शांतिपूर्ण चुनाव और इन्हें सुरक्षा में देने में इनकी बड़ी भूमिका रही। वहीं पोटाली कैंप पर ग्रामीणों द्वारा हमले करने के बाद इसे शांतिपूर्ण तरीके से शांत कराने में भी इनका ही योगदान रहा। इन सब के बीच एक सालों में इन पर एक भी आरोप नहीं लगा है।

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