
he young man, suffering from the pain, after the screaming
दंतेवाड़ा.कुआकोंडा ब्लॉक गढ़मिरी पंचायत से आए आदिवासी देवा (35) की अस्पताल में जान शामत में आ गई। मेन गेट पार करने के दौरान लगे काउ केचर में उसका पैर फं स गया। काफी देर तक देवा अकेले ही निकलने की मशक्कत करता रहा लेकिन उसका प्रयास असफ ल रहा। देखते ही देखते वहां लोगों का जमावाड़ा लग गया। इसके बाद अस्पताल में काम रहे कारीगरों ने लोहा काटने वाले ब्लेड से पाइप काट कर उसका पैर बाहर निकला।
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तीन घंटे के बाद मिली राहत
इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन घंटे लग गए। इस बीच चार घंटे से अधिक समय तक युवक काऊ कैचर में फं सकर रहा। इधर युवक को बाहर निकालने के बाद अस्पताल में मसाज और पेनकिलर दिया गया।
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पाइपों की दूरी नहीं है सही
ज्ञात हो कि अस्पताल गेट में लगे काऊ कैचर के पाइपों की दूरी सही नहीं होने से अक्सर यहां लोगों के पैर फं सते है। कई बार जानवर भी फं सकर जख्मी हो चुके हैं। कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार में भी यही हाल है। कलेक्टोरेट के काउ कैचर की तो एक पाइप की बेल्डिंग एक तरफ से उखड़ गई है। इससे पैदल पार करने वाले अक्सर फंसकर गिरते रहते हैं।
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दर्द से कराहता रहा घंटों
अस्पताल के मेन गेट के काऊ केचर में युवक का पैर फंस गया। जहां घंटों तक दर्द से कराहता रहा। इसके बाद वह काफी मशक्कत भी करने लगा निकलने के लिए लेकिन वह असफल होने के कारण लोगों को मदद के लिए चीख-पुकार करता रहा। जहां घंटों मशक्कत के बाद इस युवक को राहत मिल सकी। काऊ केचर के पाइप को काटकर काफी मशक्कत के बाद फंसे पैर को बाहर निकाला गया।
Published on:
3 Sep 2017, 1:25 PM IST
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