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OMG ! हड़तालियों ने कहा – अब पेट पर लात मारने की तैयारी कर ही ली है तो दे दो इच्छा मृत्यु

कर्मचारियों ने सरकार से मांगी इच्छा मृत्यु, शासन ने थमा दिया अल्टीमेटम। आंबा कार्यकर्ताओं सहायिकाओं ने भी शुरू कर दी भूख हड़ताल।
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दंतेवाड़ा

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Eshwar Prashad Panigrahi

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Updated: 10 Apr 2018, 11:52 PM IST

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अब संजीवनी व महतारी के कर्मी मांग रहे इच्छा मृत्यु

अब संजीवनी व महतारी के कर्मी मांग रहे इच्छा मृत्यु, आंबा कर्मियों ने शुरू की भूख हड़ताल

दंतेवाड़ा . जीवन रक्षक वाहनों पर चल रहे कर्मचारियों की भी मुसीबत बढऩे वाली है। उनको भी शासन ने सेवा समाप्त करने का अल्टीमेटम दे दिया है। स्वास्थ्य विभाग में संविलियन और अन्य मांगों को लेकर हड़ताली संजीवनी- महतारी एंबुलेंस के कर्मचारियों पर अब कार्रवाई करने के संकेत मिल रहे हैं। बताय जा रहा है कि उनको 24 घंटे का अल्टीमेटम वापस आने का दिया गया है। यदि काम पर नहीं लौटे तो के बाद बर्खास्तगी होगी।

सरकार ने नकार दी मांगें...
कर्मचारियों ने बताया कि रायपुर में धरना- प्रदर्शन कर इच्छा मृत्यु की मांग की। पेट पर सरकार ने लात मारने की तैयारी कर दी है। प्रशासन ने सेवा का सुचारु रूप संचालन हो इसलिए नई नियुक्तियां कर दी गई है। सोमवार को कर्मचारियों ने रायपुर में धरना- प्रदर्शन के साथ इच्छामृत्यु की मांग की। उनकी मांगों को सरकार ने नकार दिया है। बताया जा रहा है कि कर्मचारी श्रम न्यायालय भी गए थे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने कहा गया है। जिला प्रबंधक अभिषेक मंडल ने बताया कि कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एंबुलेंस सेवा बुरी तरह से प्रभावित नहीं है।

कहा मांगें पूरी होने तक डटे रहेंगे, फिर शुरू कर दी भूख हड़ताल
दंतेवाड़ा जिले में छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने सोमवार से क्रमिक भूख हड़ताल शुरु कर दी। पहले दिन गीदम और दंतेवाड़ा परियोजना की 72 कार्यकर्ता-सहायिका हड़ताल पर बैठी। इधर सरकार भी झुकने के मूड में नहीं है। शासन के आदेश पर अब तक 25 के नाम बर्खास्तगी का आदेश जारी हो चुका है। इस बर्खास्तगी के बाद भी लड़ाई जारी है। कार्यकर्ता- सहायिकाओं ने कहा कि उनका आंदोलन अब और उग्र होगा। शासन- प्रशासन और मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके है। हर बार की तरह आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला।

कार्यकर्ताओं ने कहा कब तक मर-मर कर काम करेंगे
बच्चों से लेकर गर्भवती-शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य का ख्याल रखती है। उन्हें समय पर टीकाकरण, पूरक पोषक आहार और जानकारियों देने का काम करती हैं। इतना ही नहीं चुनावी ड्यूटी करने में भी उनको ही झोंका जाता है। कब तक इस महंगाई के दौर में मर मर कर काम करेंगें। मानदेय भी तो कलक्टर दर पर नहीं दिया जता है। आठ घंटे से लेकर 12 घंटे तक काम करवाया जाता है। विकट समस्यों में भी कभी पीछे नहीं हटी। बर्खास्तगी की धमकी अधिकारी दे रहे हैं। इस आंदोलन की आग नही बुझेगी। इस बार आर-पार की लड़ाई होगी।

बर्खास्तगी और नियुक्ति की चल रही प्रक्रिया
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता- सहायिकाओं की बर्खास्तगी चल रही है और नियुक्ति की प्रक्रिया भी। परियोजना अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिण् गए हैं। भांसी परियोजना के 25 कार्यकर्ता- सहायिकाओं को बर्खास्त किया गया है।
अजय शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी

मांगें है जायज, सरकार करे न्यायोचित कार्रवाई
किरंदुल में महिला कांग्रेस अध्यक्ष शहरी व पीसीसी सदस्य राजेन्द्र मृणाल राय कौर ने प्रेस वार्ता में कहा कि नगर में अपनी छ: सूत्रीय जायज मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही आंबा कार्यकर्ताओं का समर्थन करती हूं। उन्होंने कहा मैंने भी इन आंबा कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की समस्याओं और परेशानियों को 25 सालों तक करीब से देखा है। आज पूरे राज्य की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं व सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर प्रयासरत है। वे सरकार से अपनी न्यायोचित 6 सूत्रीय मांग को लेकर छोटे-छोटे दूधमुहे बच्चों के साथ कड़ी धूप व पानी में सड़क पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि महिला बाल विकास विभाग ऐसा मैदानी अमला है, जिस पर सरकारी हर विभाग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर है। ये कार्यकर्ताएं पहुंच विहिन क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देते हैं।