
माथे पर सिंदूर लगा था पर हाथ में फिर से थी वरमाला, 51 हजार के लालच में कई युवतियों ने की दोबारा शादी
दतिया . मध्यप्रदेश के दतिया जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान और निकाह योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां मंगलवार को 226 जोड़ों की शादी करवाई लेकिन इनमें ज्यादातर जोड़े पहले से ही शादीशुदा थे। बताया जा रहा है कि एक महिला अपनी छह माह की बच्ची के साथ शादी करने पहुंची तो कुछ गर्भवती महिलाओं ने भी दोबारा शादी की। बताया जा रहा है कि नगर पालिका के अफसर, वार्ड प्रभारी और पार्षदों की मिलीभगत के कारण शादीशुदा जोड़ों की फिर से शादी कराई गई है। शादीशुदा जोड़ों को 51 हजार की सरकारी सहायता का लालच देकर दोबारा शादी कराई गई।
फरवरी में हुआ था विवाह
एक जोड़े ने बताया कि मंगलवार को दोनों ने फिर से शादी की जबकि उनकी शादी फरवरी महीने में हो चुकी है। युवतियां जब विवाह के लिए स्टेज पर पहुंची तो पहले से ही शादीशुदा थीं और उनकी मांग में संदूर भरा हुआ था। कई युवतियों के पैरों में बिछिया थी तो कई जोड़ों को शादी को चार से छह महीने का वक्त हो गया था। उसके बाद भी दोनों जोड़ों ने फिर से शादी की।
51 हजार के फेर में हुई गड़बड़ियां
मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के तहत सामूहिक विवाह के दौरान विवाह करने से दुल्हन के खाते में 51 हजार रुपए की राशि देने का प्रावधान है। सामूहिक विवाह की आयोजन संस्था यह सत्पापित करती है कि जो जोड़े शादी के लिए आ रहे हैं वो पात्रता के हकदार हैं या नहीं। लेकिन आयोजकों की मिली भगत के कारण 51 हजार रुपए के लालच में शादीशुदा जोड़ों का विवाह फिर से करा दिया गया।
मामले की होगी जांच
नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने कहा- शादीशुदा जोड़ों के शामिल होने की बात सामने आई थी तो हमने मंच से एनाउंस भी कराया कि यदि ऐसा कोई जोड़ा है तो वह सम्मेलन में हिस्सा न ले। जोड़ों के संबंध में वार्ड प्रभारियों ने पूरी जांच पड़ताल की थी। मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
26 Jun 2019 10:16 am
Published on:
26 Jun 2019 10:00 am
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